सवाईमाधोपुर. रणथम्भौर बाघ परियोजना के जोन छह में सोमवार को घायल अवस्था में मिले सांभर को आखिरकार मंगलवार दोपहर को वन विभाग की टीम ने टे्रस कर लिया। वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार दोपहर को सांभर वन विभाग की टीम को कुण्डाल वन क्षेत्र में सांभर नजर आया। इसके बाद वन विभाग की टीम ने सांभर का पकड़कर सांभर के गले में बंधा लोहे का तार हटा दिया। वन अधिकारियों ने बताया कि सांभर के गले का घाव अधिक गहरा नहीं था। ऐसे में सांभर का उपचार की दरकार नहीं थी। एहतियात के तौर पर वन विभाग की ओर से सांभर की मॉनिटरिंग की जा रही है। वन अधिकारियों की माने तो सांभर के गले में जो लोहे का तार का फंदा मिला था वह तार आम तौर पर खेतों में फैंसिंग करने के लिए उपयोग किया जाता है। ऐसे में सांभर के किसी खेत की फैंसिंग को पार करते समय उसके गले में तार का फंदा लगने की आशंका से भी इंकार नहीं किया जा सकता है। वन विभाग के सूत्रों की माने तो जोन छह के जिस क्षेत्र से सांभर आता हुआ नजर आया था उस क्षेत्र के आसपास भी कई खेत हैं।
चार टीमें जुटी थी तलाश में
वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार घायल सांभर की तलाश के लिए रणथम्भौर बाघ परियोजना के उपवन संरक्षक मोहित गुप्ता के निर्देशन में वन विभाग की चार अलग-अलग टीमों का गठन किया गया था। टीमों द्वारा सोमवार दोपहर से ही सांभर को जंगल में तलाश किया जा रहा था। सांभर को खोजने के लिए वन विभाग की ओर से रणथम्भौर के जोन छह में सिथत सभी वाटर प्वाइंट पर वन कर्मियों को तैनात किया गया था। इसके अलावा विभाग की ओर से जोन छह के वाटर प्वाइंट के आसपास भी सांभर की टे्रकिंग की जा रही थी।