
sawaimadhopur Panther
सवाईमाधोपुर. रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान के जोन दो में सोमवार सुबह बाघिन टी-39 'नूरÓ द्वारा पैंथर के शावक का शिकार करने की अफवाह जंगल में आग की तरह फैल गई। रात तक अधिकारी घटना की तह तक जाने में जुटे रहे। इस मामले में न तो पैंथर का शव मिला और न ही उसकी हड्डियां। खास बात यह रही कि पर्यटकों द्वारा फोटो लेने की बात भी सामने आई, लेकिन फोटो भी उपलब्ध नहीं हो सका।
यह फैली अफवाह
वनाधिकारियों ने बताया कि किसी पर्यटक ने वनरक्षक को बाघिन द्वारा पैंथर के शावक को मारने की बात कही थी। बाघिन ने पैंथर के शावक को मारा और झाडिय़ों में ले गई। वनकर्मी ने वनाधिकारियों को सूचना भी दी, लेकिन वनाधिकारियों ने घटना की अधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की है। हालांकि इस दौरान पर्यटकों ने बाघिन व पैंथर के फोटो खींचे व वीडियो भी बनाने की बात सामने आई, लेकिन फोटो व वीडियों भी देर रात तक अधिकारियों तक नहीं पहुंच सके।
इनका कहना है.....
सुबह किसी ने बाघिन टी-39 द्वारा पैंथर के शावक का शिकार करने व शिकार का झाडिय़ों में ले जाने की सूचना दी थी। मामला झूठा या सही। यह तो फोटो आने के बाद ही पता लगेगा। कई बार ऐसी अफवाह भी आ जाती है। इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फोटो मंगवाए गए हैं। मामले की जांच की जा रही है।
बीजू जॉय, उपवन सरंक्षक, रणथम्भौर बाघ परियोजना, सवाईमाधोपुर।
रणथम्भौर का बाघ पहुंचा तलवास के जंगलों में वन विभाग ने लिए पगमार्क
सुरक्षा के लिए टीम गठित फलौदी रेंज से क्वांलजी के रास्ते से निकला एक पखवाड़े से नहीं मिल रहे थे पगमार्क
सवाईमाधोपुर. रणथम्भौर का बाघ क्वांलजी के रास्ते से एक बार फिर तलवास के जंगलों में पहुंच गया। बाघ वहां बासी के निकट तीन दिन से अपनी जगह तलाश रहा है। वन विभाग ने पगमार्क लेने के बाद बाघ के बासी के निकट जंगल में मौजूद होने की पुष्टि की है। बाघ की सुरक्षा के लिए टीम गठित कर ट्रैकिंग शुरू कर दी है। साथ
वहां करीब आधा दर्जन कैमरे लगा दिए गए है। बाघ ग्रामीणों को दिखाई दिया। सूचना पर वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी पहुंचे और पगमार्क तलाशे। बाघ की हर गतिविधि पर नजर रहे इसके लिए वन विभाग ने टीम गठित की है।
Published on:
21 Nov 2017 06:57 pm
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