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माधोसिंहपुरा को पानी नहीं मिला तो रोकेंगे शहर की जलापूर्ति, जल संकट से त्रस्त लोगों का फूटा गुस्सा, अभियंताओं को दी चेतावनी

माधोसिंहपुरा पम्प हाउस पर महिलाओं व पुरुषों का प्रदर्शन

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sawaimadhopur

सवाईमाधोपुर के माधोसिंहपुरा पम्पहाउस पर प्रदर्शन करते गांव के लोग।

सवाईमाधोपुर. जल संकट से जूझ रहे जलकुबेर माधोसिंहपुरा के लोगों का गुस्सा सोमवार को फूट पड़ा। गांव की महिलाएं एवं पुरुष माधोसिंहपुरा स्थित जलदाय विभाग के पम्प हाउस पर पहुंच गए। महिलाओं ने खाली मटकियां लेकर प्रदर्शन किया। उन्होंने वहां जाकर कर्मचारियों से शहर की जलापूर्ति बंद करने को कहा। उन्होंने कहना था कि या तो उनको गांव में होकर जा रही शहर की पेयजल लाइन से पानी दिया जाए या गांव के लिए अलग से ट्यूबवैल खोदा जाए। अगर ऐसा नहीं किया गया तो गांव से शहर को दिए जा रहे पानी की आपूर्ति नहीं करने दी जाएगी। लोगों के हंगामा करने पर जलदाय विभाग के कनिष्ठ अभियंता ग्रामीण कन्हैयालाल मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को समझाया कि सिटी लाइन से ग्रामीण एरिया में पानी नहीं दे सकते हैं। इस ग्रामीणों ने कहा कि फिर गांव का पानी भी शहर को नहीं दिया जाना चाहिए। शहर में ही ट्यूबवैल खोदे जाएं।


किया जा रहा सौतेला व्यवहार
ग्रामीणों ने ये भी आरोप लगाया कि पम्प हाउस के एक जलदायकर्मी को तो जलदाय विभाग ने गांव में ही पानी का कनेक्शन दे रखा है। जबकि गांव के अन्य लोगों के साथ सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा है। उन्होंने कनेक्शन का मौका भी दिखाया।

जल दोहन कर खोखला कर दिया गांव
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जलदाय विभाग ने गांव में जगह-जगह ट्यूबवैल खोदकर भूमिगत जल खींचकर गांव की जमीन को खोखला कर दिया है। इसके बावजूद गांव प्यासा मर रहा है। उनको पानी की आपूर्ति करने में विभाग आनाकानी कर रहा है।


शहरी अभियंता भी पहुंचे
लोगों का हंगामा बढऩे पर कनिष्ठ अभियंता हरिकेश मीणा भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों की समस्या सुनी। उन्होंने कहा कि गांव के लिए जल्द ही
ट्यूबवैल खोद दिया जाएगा, लेकिन उस पानी की आपूर्ति शहरी के लिए भी की जाएगी। लेकिन गांव वालों ने इनकार कर दिया। ग्रामीणों ने कहा कि ट्यूबवैल सिर्फ गांव के लिए ही खोदा जाए। अभियंता ने समस्या दूर करने का भरोसा दिया है।

विभाग ने नहीं सुनी तो मोहल्ले के लोगों ने खुदवाया ट्यूबवैल,अब मोटर व पाइप डालने में भी अभियंता कटवा रहे चक्कर
आखिर जनता की कौन करेगा सुनवाई, दो माह से जल संकट से जूझ रहे पुरानी अनाज मंडी के बाशिन्दे
सवाईमाधोपुर . शहर स्थित पुरानी अनाज मंडी मोहल्ले के लोग पिछले करीब दो माह से जल संकट से जूझ रहे हैं। जलदा विभाग के कई चक्कर काटे, लेकिन सुनवाई नहीं की गई। ऐसे में थकहारकर मोहल्ले के लोगों ने आपसी सहयोग से राशि एकत्र कर मोहल्ले के चौक में बोरिंग भी करा दिया, लेकिन इसके बाद भी उसमें मोटर व पाइप डालने में जलदाय अभियंता मोहल्ले के लोगों को चक्कर कटवा रहे हैं।


एक पखवाड़े से टरका रहे
ट्यूबवैल खुदवाए करीब एक पखवाड़ा हो गया। ट्यूबवैल में मोटर व पाइप डलवाने की मांग को लेकर अतिरिक्त जिला कलक्टर को ज्ञापन भी सौंपा। एडीएम ने जलदाय अधिशासी अभियंता को निर्देश भी दे दिए, लेकिन इसके बाद भी उनके कानों पर जूं नहीं रेंग रही है।

पुरानी अनाज मंडी का मामला
मोहल्ले के निवासी नरेश कुमार गर्ग, मनोज गर्ग, टीकम गर्ग आदि ने बताया कि मोहल्ले में करीब 50-60 लोगों को वहां निकट स्थित कुएं में मोटर डालकर जलदाय विभाग आपूर्ति करता था, लेकिन कुएं का पानी सूखने से जलापूर्ति बंद हो गई। नया ट्यूबवैल कराने के लिए कई बार गुहार लगाई, लेकिन उनकी अभियंताओं ने सुनवाई नहीं की। ऐसे में खुद ही सवा लाख रुपए एकत्र कर ट्यूबवैल खुदवा लिया।