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सवाई माधोपुर

जिस एरिया में कृष्णा का मूवमेंट विभाग ने वहां बंद किया पर्यटन

बाघिन कृष्णा गिन रही अंतिम दिन वन विभाग जुटा मॉनीटरिंग मेंकई दिनों से शिकार नहीं कर पा रही बाघिनचलने फिरने में हो रही परेशानी

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सवाईमाधोपुर. रणथम्भौर में बुरी खबरों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बाघ बाघिनों की मौत के बाद अब कृष्णा की तबियत खराब होने की जानकारी मिल रही है। हालांकि बाघिन टी-19 यानी कृष्णा अपनी औसत आयु पूरी कर चुकी है। वन विभाग से मिली जानकारी के अनसार बाघ-बाघिन की औसत उम करीब 15 साल होती है। जबकि बाघिन कृष्णा 16 साल की उम्र को पार कर चुकी है। ऐसे में अब उम्र के आखिरी पड़ाव पर बाघिन परेशानियों से जूझ रही है।
बाघिन नहीं कर पा रही शिकार
वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बाघिन उम्र के आखिरी पड़ाव पर है। ऐसे में शिकार नहीं पर पा रही है। वर्तमान में बाघिन का मूवमेंट रणथम्भौर के लकड़दा वन क्षेत्र में बना हुआ है। हालांकि शिकार नहीं कर पाने के कारण बाघिन शारीरिक रूप से अब काफी कमजोर हो गई है। वन्यजीव विशेषज्ञों की माने तो बाघिन के संबंध में रणथम्भौर से जल्द ही बुरी खबर सामने आ सकती है।

गर्दन मेंं आ रही परेशानी
वन विभाग के अनुसार उम्र के आखिरी पड़ाव पर बाघिन की गर्दन पर भी रेसेज हो गए है और बाघिन गर्दन में खुजली की समस्या से भी जूझ रही है। इतना ही नहीं बाघिन गर्दन को पूरी तरह से सीधा तक नहीं कर पा रही है। ऐसे में जल्द ही बुरी खबर सामने आने के आसार जताए जा रहे है।

गठित की टीम, बंद किए पर्यटन वाहन
वन विभाग की ओर से परिस्थितियों को देखकर इस मामले में सजगता बरती जा रही है। विभाग की ओर से पिछले तीन दिनों से रणथम्भौर के जोन चार में भ्रमण पर जाने वाले पर्यटन वाहनों को लकड़दा वन क्षेत्र में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। विभाग की ओर से एहतियात के तौर पर बाघिन के मूवमेंट बाले इलाके में पर्यटकों के प्रवेश पर फिलहाल पाबंदी लगा दी गई है। वहीं सूत्रों के अनुसासर बाघिन को बचाने के लिए विभाग की ओर से शनिवार को बाघिन को वेट भी दिया गया था। हालांकि विभाग की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की गई है। वहीं एहतियात के तौर पर विभाग की ओर से बाघिन की मॉनिटरिंग व टे्रकिंग के लिए तीन टीमों को भी गठित किया गया है।
इनका कहना है…
बाघिन टी-19 अपनी औसत उम्र को पार कर चुकी है और उम्र के आखिरी पड़ाव पर है। ऐसे में बाघिन शिकार नहीं कर पा रही है और शारीरिक रूप से कमजोर हो गई है। विभाग की ओर से एहतियात के तौर पर बाघिन की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
– सेडूराम यादव, सीसीएफ, रणथम्भौर बाघ परियोजना, सवाईमाधोपुर।
फोटो कैप्शन…
सवाईमाधोपुर. रणथम्भौर में विचरण करती बाघिन कृष्णा।