
रीको की जमीन से मिट्टी के अवैध खनन करने एवं भीतर जाने के लिए बनाया गया कच्चा रास्ता।
सूरवाल. जिले में दुब्बी बनास नदी गांव के पास बेकार पड़ा भूखंड का एक हजार बीघा क्षेत्र सरकार की ओर से रीको को आवंटित हुआ था। इस जमीन पर अब इंडस्ट्री स्थापित किए जाने की कवायद शुरू कर दी गई है। रीको द्वारा जमीन को अपने अधिकार क्षेत्र में करने के लिए यहां डिमार्केशन एवं नाप-जोख का काम किया गया। कुछ दिन बाद यहां चारदीवारी बनवाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। रीको के अधिकारियों का मानना है कि यहां शीघ्र ही इंडस्ट्री स्थापित होगी, जिससे विकास के साथ- साथ बेरोजगारों को रोजगार भी मिलेगा
दुब्बी गांव में बनास नदी के पास काफी हैक्टेयर क्षेत्र में फैली उबड़-खाबड़ जमीन पूर्व में सामाजिक वानिकी के नाम से दर्ज थी। यहां बनास के जंगलों का विस्तार था, जहां वन्यजीवों को भ्रमण करते हुए देखा जा सकता था, लेकिन धीरे-धीरे लोगों ने यहां मिट्टी एवं बजरी का अवैध खनन कर जंगल को उजाड़ दिया तथा हजारों क्षेत्र में बेकार पड़ा यह भूखंड केवल अवैध खनन के लिए उपयोग में किया जा रहा है। साथ ही बनास नदी के पास स्थित होने के कारण बढ़ते भूमि के कटाव से यहां जगह-जगह गहरी खाइयां बनी हुई है। ऐसे में इसकी उपयोगिता को लेकर सरकार द्वारा यह जमीन रीको के नाम आवंटित कर दी गई।
अब यहां रीको ने औद्योगिक क्षेत्र स्थापित करने की कवायद शुरू कर दी ह।रीकों के अधिकारियों को यहां शिकायत मिली कि उनकी जमीन पर लोगों द्वारा खेती का काम किया जा रहा है। साथ ही जेसीबी से कई जगह रास्ते बनाकर जमीन पर मिट्टी का अवैध खनन कर डंपरों द्वारा बाहर ले जाया जा रहा है। आसपास के लोगों ने बताया कि सुबह और शाम रीको की जमीन पर जेसीबी से मिट्टी खनन का कार्य किया जाता है। मिट्टी इंद्रगढ़ में ईंट भट्टों पर तथा अन्य जगह ले जाई जाती है। मामलों को गंभीरता से लेते हुए रीको के अधिकारी अब हरकत में आ गए हैं। कुछ ही दिन बाद यहां कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
दुब्बी गांव की बनास नदी के पास रीको को एक हजार बीघा जमीन अलॉटमेंट की गई है। कुछ दिन पूर्व यहां आए रीको के अधिकारियों ने जमीन का डिमार्केशन किया था। शीघ्र ही यहां रीको की ओर से काम चालू करवा दिया जाएगा। प्रक्रिया चालू कर दी गई है।
मौजीराम मीना, पटवारी, अजनोटी पंचायत
Published on:
20 Mar 2018 11:28 am
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