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सवाई माधोपुर

सरकारी संस्थानों में तम्बाकू खाने पर कटेंगे चालान

तम्बाकू निषेध सप्ताह का हुआ आगाज, आज निकालेंगे जागरुकता रैली

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सवाईमाधोपुर. विश्व तंबाकू निषेध दिवस 31 मई के उपलक्ष्य में जिले में सात दिवसीय तम्बाकू निषेध सप्ताह का आगाज हुआ। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से तंबाकू निषेध सप्ताह का आयोजन 31 मई तक किया जाएगा। पहले दिन पत्रकार वार्ता में जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रुकमकेश मीना ने सभी को तम्बाकू निषेध अभियान के बारे जानकारी दी। जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुधींद्र शर्मा, डीपीओ गिरिराज शर्मा, जिला आईईसी समन्वयक प्रियंका दीक्षित, सोशल वर्कर राजीव सेन मौजूद रहे। अभियान से पूर्व अतिरिक्त जिला कलक्टर डॉ. सूरज सिंह नेगी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक हुई थी। अब शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर रैली निकालकर आमजन को जागरूक किया जाएगा। ब्लॉक स्तर पर प्रेस वार्ता, एसडीएम की अध्यक्षता में समन्वय समिति की मीटिंग, पंचायती राज प्रतिनिधियों की कार्यशाला व तंबाकू मुक्त क्षेत्र बनाने का कार्य किया जाएगा। जिला मुख्यालय के सभी सरकारी कार्यालयों में चिकित्सा विभाग की टीम की ओर से औचक निरीक्षण कर तम्बाकू का सेवन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर चालान काटे जाएंगे। साथ ही जिला अस्पताल में पूरे सप्ताह चालान की कार्रवाई की जाएगी। गत वित्तीय वर्ष में जिला तम्बाकू प्रकोष्ठ द्वारा 24170 चालान काटे गए हैं। काउंसलिंग सेंटर में 1164 मरीजों की काउंसलिंग की गई है। 804 मरीजों को एनटीआर दवा वितरित की गई। 114 मरीजों ने तम्बाकू छोड़ी व 1112 शिक्षण संस्थान तम्बाकू मुक्त किए गए।

मेट के लिए 10वीं की अनिवार्यता खत्म करने की मांग
सवाईमाधोपुर. शहरी रोजगार गारंटी योजना में विधवा एवं परित्यागता महिलाओं को मेट के लिए 10वीं की अनिवार्यता खत्म करने की मांग को लेकर विधवा व परित्यक्ता महिलाओं ने गुरुवार को अतिरिक्त जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में बताया कि रोजगार को लेकर शहरों में चलाई जा रही इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना में मेट बनने के लिए दसवीं पास शिक्षा की योग्यता को अनिवार्य कर रखा है। शहरी रोजगार गारंटी योजना ऐसी महिलाओं को संबल प्रदान करती है लेकिन मेट बनने के लिए विधवा व प्रत्याक्तता महिलाओं को शिक्षा में कोई छूट नहीं दे रखी है। महिलाओं ने मांग की है कि विधवा एवं प्रत्यागता महिलाओं के लिए मेट बनने की दसवीं पास की अनिवार्यता को खत्म कर शिक्षा की अनिवार्यता से मुक्त रखा जाए।

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