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ख्याल में डूब गए श्रोता

गंगापुरसिटी. कल्याणजी मेले में मंगलवार को हेला ख्याल दंगल का समापन हुआ। इस दौरान लोक गीत संस्कृति की झलक मिली। दंगल के दौरान मंडलियों ने धार्मिक कथाओं के अलावा देश की मौजूदा राजनीतिक व सामाजिक स्थिति पर कटाक्ष करते हुए रचनाएं सुनाईं।

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Abhishek Ojha

May 17, 2017

गंगापुरसिटी. कल्याणजी मेले में मंगलवार को हेला ख्याल दंगल का समापन हुआ। इस दौरान लोक गीत संस्कृति की झलक मिली। दंगल के दौरान मंडलियों ने धार्मिक कथाओं के अलावा देश की मौजूदा राजनीतिक व सामाजिक स्थिति पर कटाक्ष करते हुए रचनाएं सुनाईं।

समारोह में मेला अध्यक्ष एवं सभापति संगीता बोहरा, पूर्व सभापति हरिप्रसाद बोहरा, हरगोविन्द कटारिया, ओमी कटारिया, पार्षद वीरू पुजारी, वेदप्रकाश सोनवाल, सईद खान, दंगल प्रभारी बृजलाल माली आदि मौजूद थे। समारोह में मंगलवार को बाढ़ सलेमपुर की पार्टियों ने पाराशर मुनि की कथा, ऋषि पाराशर की नारी काम में सताई बड़ी भारी को ख्याल गीत के रूप

में सुनाया।

प्राचीन हेला ख्याल मण्डल बामनवास ने भक्त विदुर की प्रेम कहानी के बारे में बताया। नृसिंह मण्डल मीना बड़ौदा मुनीम मेडिय़ा ने सुन्दरकाण्ड से सीता का रावन को समझाना, हेला ख्याल मण्डल बाढ़ सलेमपुर मेडिय़ा कैलाश चंद शर्मा ने सबका साथ सबका विकास बीजेपी का नारा आदि की प्रस्तुतियां दी। मेला संरक्षक राजेश जैमिनी ने बताया कि मेले में बुधवार को राम रसिया दंगल शुरू होगा।