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सवाई माधोपुर

बाघों के लिए मुफीद है खण्डार रेंज

तीन साल में करीब दस शावकों का हुआ जन्म बाघों का कुनबा बढ़ाने में खण्डार का अहम योगदान

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सवाईमाधोपुर. रणथम्भौर में बाघों के कुनबे में लगातार इजाफा हो रहा है। ऐसे में रणथम्भौर को बाघों की नर्सरी भी कहा जाता है लेकिन रणथम्भौर में बाघों का कुनबा बढ़ाने में रणथम्भौर की खण्डार रेंज का भी अहम योगदान है। इस बात की गवाही वन विभाग के आंकड़े भी दे रहे हैं। वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार पिछले तीन सालों में खण्डार रेंज में कुल दस शावकों का जन्म हुआ है जो रणथम्भौर की अन्य किसी भी रेंज के मुकाबले अधिक है।

बाघ-बाघिनों को मिल रहा बेहतर पर्यावास
रणथम्भौर की खण्डार रेंज दूसरी सबसे बड़ी रेंज है। वन अधिकारियों ने बताया कि खण्डार रेंज का कुल क्षेत्रफल 17792.79 किमी है। खण्डार में अब तक दो गांवों को पूरी तरह से विभाग की ओर से विस्थापित भी किया जा चुका है। ऐसे में यहां बाघ-बाघिनों व उनके शावकों को बेहतर पर्यावास उपलब्ध हो रहा है।

14 बाघ बाघिनों का रहता है विचरण
वन अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में खण्डार रेंज में 14 से अधिक बाघ-बाघिनों व शावकों का विचरण रहता है। साथ ही यहां कई शवक भी है। यहां पर पर्यटन नहीं होने से बाघ बाघिन के विचरण में किसी भी प्रकार का खलल भी नहीं होता है। ऐसे में खण्डार रेंज में बाघ-बाघिनों का कुनबा लगातार बढ़ रहा है।
पर्यटन की भी है अपार संभावनाएं
खण्डार रेंज में वाइल्ड लाइफ ट्यूरिज्म की भी अपार संभावनाएं हैं। लोगों की ओर से सालों से लगातार गिलाई सागर की ओर से अभयारण्य का गेट खोलने की मांग की जा रही है। पूर्व में वन विभाग की ओर से खण्डार रेंज में दो पर्यटन जोन को चिह्नित कर प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भी भिजवाए जा चुके हैं। हालांकि अब तक अनुमति नहीं मिलने के कारण खण्डार रेंज में पर्यटन शुरू नहीं हो सका है।

खण्डार मेंं कब-कब नजर आए शावक
मई 2020 में खण्डार रेंज में एक बाघिन तीन शावकों के साथ कैमरे में कैद हुई थी।
27 मई 2022 को बाघिन टी-94 दो शावकों के साथ वन विभाग के फोटो ट्रैप कैमरे में कैद हुई थी उस समय शावकों की उम्र करीब तीन से चार माह के आसपास बताई गई थी।
15 जून 2022 को बाघिन टी-93 वन विभाग के फोटो ट्रैप कैमरे में तीन शावकों के साथ कैद हुई थी उस समय शावकोंं की उम्र दो माह के आसपास बताई गई थी।
24 मई 2023 को खण्डार रेंज के आम चौकी वन क्षेत्र में बाघिन टी-69 दो शावकों के साथ कैमरे में कैद हुई थी।

एक नजर में खण्डार रेंज..
17792.79 हेक्टयर है खण्डार रेंज का क्षेत्रफल
455.86 किमी का एरिया विस्थापन के बाद बढ़ा
14 बाघ बाघिनों का रहता है विचरण
2 सबसे बड़ी रेंज है रणथम्भौर की

इनका कहना है…
यह सही है कि खण्डार रणथम्भौर की दूसरी सबसे बड़ी रेंज है। यहां पर बाघों के कुनबे में भी लगातार इजाफा हो रहा है। हाल ही में बाघिन टी-69 भी दो शावकों के साथ कैमरे में कैद हुई थी।
-विष्णु गुप्ता, रेंजर, खण्डार, रणथम्भौर बाघ परियोजना।