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Greenfield Expressway: 324 किमी लंबे ब्यावर-भरतपुर एक्सप्रेस-वे का विरोध तेज, निरस्त करने की मांग

Beawar-Bharatpur Expressway: भरतपुर-ब्यावर प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे से भूमि अधिग्रहण की आशंका को लेकर वजीरपुर तहसील के किसानों में रोष है। किसानों ने अपनी कृषि भूमि बचाने की मांग करते हुए पीएम और सीएम के नाम जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा।

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एआई तस्वीर

सवाईमाधोपुर। जिले की वजीरपुर तहसील के ग्रामीणों ने प्रस्तावित भरतपुर-ब्यावर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के निर्माण के विरोध में पीएम और सीएम के नाम जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने बताया कि यह एक्सप्रेस-वे कैमरी खुर्द, बाढ़ रायल, खेड़ला, जनेतपुर, रेंडायल तुर्क, रेंडायल और मोहचा भालपुर सहित कई गांवों से होकर गुजरना प्रस्तावित है।

ग्रामीणों का कहना है कि इन गांवों के सैकड़ों किसानों की कृषि भूमि एक्सप्रेस-वे में आ रही है। पहले से ही उनके पास बेहद कम भूमि है और यही उनके जीवन-यापन का एकमात्र साधन है। यदि भूमि अधिग्रहित कर ली गई तो किसान भूमिहीन हो जाएंगे।

कृषि भूमि बचाने की मांग

उन्होंने कहा कि सरकार चाहे मुआवजा दे, लेकिन भूमि न रहने पर किसान भविष्य में कैसे जीवन-यापन करेंगे। ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे को निरस्त किया जाए। यदि इसका निर्माण किया जाता है तो किसानों की कृषि भूमि को बचाते हुए और उचित मुआवजा देकर ही किया जाए, ताकि किसानों को नुकसान न उठाना पड़े।

किसान चिंतित

सर्वे व चिन्हीकरण के चलते प्रभावित किसानों की चिंताएं बढ़ने लगी हैं। कई किसान अपनी भूमि अवाप्त होने की आशंका जता रहे हैं, वहीं कुछ किसानों को मुआवजे की पर्याप्त राशि मिलने को लेकर चिंता है। उल्लेखनीय है कि ब्यावर से भरतपुर तक प्रस्तावित यह ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे कुल 324 किलोमीटर लंबा होगा। प्रशासनिक स्तर पर भूमि अधिग्रहण से पूर्व निर्माण के अंतर्गत आने वाले गांवों में भूमि उपयोग परिवर्तन (भूमि रूपांतरण), बिक्री, खरीद अथवा विकास गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है।

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