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नेता ना नेतृत्व फिर भी बंद रहा गंगापुर शहर

रोडवेज के भी थमे रहे पहिएसिटी परिवहन भी रहा ठप
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सवाई माधोपुर

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Jeetendra Tanwar

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Updated: 11 Apr 2018, 10:28 AM IST

sawaimadhopur

नेता ना नेतृत्व फिर भी बंद रहा गंगापुर शहर

गंगापुरसिटी. नेता था ना कोई नेतृत्व। रैली थी ना ही कोई जुलूस। आह्वान था ना आग्रह। निर्देश थे ना ही आदेश। फिर भी गंगापुरसिटी शहर मंगलवार को पूरा बंद था। शायद ये इतिहास में पहली बार हुआ कि बिना किसी नेतृत्व व आह्वान के शहर के सभी बाजार बंद रहे। यहां तक की रोडवेज बसों के पहिए भी थमे रहे। सिटी परिहवन के रूप में एक दर्जन ऑटो रिक्शा ही बिना सवारियों के दौड़ते दिखाई दिए। ये बंद पूर्णतया शान्तिपूर्ण रहा। क्यों कि बंद स्वप्रेरणा से था। इससे शहर में कहीं भी कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। पुलिस व प्रशासन ने राहत की सांस ली है। लोग जरूरी कामों से ही घरों से बाहर निकले। हालांकि व्यापार संघ की ओर से बाजार खुले रखने के बारे में समाचार पत्रों में दिए गए बयानों को पढ़कर सुबह कुछ व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान खोल लिए थे, लेकिन सुबह 11 बजे तक अधिकांश बाजार के बंद रहने पर वे भी अपने प्रतिष्ठान बंद कर घरों को चले गए। दूसरी ओर प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से सुबह सात बजे से ही नेट सर्विस बंद कर दी थी। ये सर्विस फिर से दोपहर साढ़े तीन बजे बहाल की गई। दरअसल में कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर '10 अप्रेल को भारत बंदÓ का संदेश वायरल हो रहा था। किसी अनहोनी की आशंका में चार दिन से पुलिस व प्रशासन लगातार व्यापारियों से सम्पर्क कर बंद को टालने में लगा था। सीएलजी की बैठकें भी ली गई। इन सभी बैठकों में व्यापारी संगठनों ने आश्वस्त किया था कि दस अप्रेल को प्रस्तावित बंद से उनका कोई सरोकार नहीं है। इसके बाद भी मंगलवार को शहर पूरी तरह बंद रहा। हालांकि चाय व वाहन मिस्त्रियों की कुछ दुकानें खुली, लेकिन ग्राहकों के नहीं आने से वे भी ठाले बैठे रहे। आलम ये रहा कि दोपहर तीन बजे बाद वे भी घरों को चले गए। बंद का सबसे ज्यादा असर शहर के अलावा सालोदा रोड व उदेई मोड़, सैनिक नगर, कॉलेज रोड आदि पर देखने को मिला। उल्लेखनीय है कि गत दो अपे्रल को भारत बंद के दौरान इन क्षेत्रों में तोडफ़ोड़, आगजनी व हिंसा की सर्वाधिक घटनाएं हुई थी। इसके चलते शहर में कफ्र्यू लगाना पड़ा था। बंद को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए थे। शहर के प्रत्येक चौराहे से लेकर मुख्य गलियों व बाजार में आरएसी व पुलिस के जवान तैनात किए गए थे।

नेट सेवा रही बंद
बंद के मद्देनजर क्षेत्र में सुबह सात बजे से ही इन्टरनेट सेवा बंद कर दी गई। ये सेवा दोपहर साढ़े तीन बजे सुचारू हो सकी। इस दौरान स्मार्ट फोन लोगों के लिए की-पेड मोबाइल बनकर रहे गए। वे संदेशों का आदान-प्रदान नहीं कर सके। ऐसे में अफवाहों पर पूरी तरह से रोक लगी रही। आवश्यक सेवाएं आम दिनों की तरह ही सुचारू रही। मेडिकल स्टोर, सब्जी मण्डी, चाय, पान, कचौरी-पकौड़ी की कुछ दुकानें खुली रही।


एक-दूसरे का किया अनुसरण
बाजार बंद में दुकानदारों के बीच एक-दूसरे का अनुसरण देखने को मिला। पड़ोस की दुकान बंद देख साथी पड़ोसी दुकानदारों ने भी अपनी दुकानें नहीं खोली। दुकानदार एक-दूसरे की दुकानें बंद देख बाजार बंद रखने के लिए प्रेरित होते गए। सुबह जिन दुकानदारों ने जल्दबाजी में दुकानें खोल ली थी वे भी बाजार को बंद देख अपनी दुकानों को बंद कर बाहर तख्त पर बैठ गए।

बैठे रहे दुकानों के बाहर
बंद के मद्देनजर शहर की दुकानें तो बंद रही, लेकिन दुकानदार उनके बाहर तख्तों पर बैठे बतियाते रहे। उन्होंने दिनभर हंसी-ठिठोली में बिताया। सभी के चेहरों पर मुस्कान थी। हालांकि किसी के पास यह स्पष्ट जवाब नहीं था कि आखिर बाजार बंद किसके आह्वान व आग्रह पर रखा गया।


ग्राहक तलाशते रहे
बंद को देखते हुए ग्रामीण क्षेत्र से खरीदारी के लिए लोग बाजार में कम ही आए। जो आए वो खुली दुकानों की तलाश में भटकते रहे। सभी जगह बंद रहने से उन्हें बैरंग ही लौटना पड़ा। दुकानें बंद रहने से जहां बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा, वहीं चाय-जूस की मुख्य चौराहों, बस स्टैण्ड आदि के पास स्थित दुकानों पर चहल-पहल रही। यहां पर आवश्यक कार्य से निकले या फिर बाजार की टोह लेने के लिए निकले लोगों ही थे।

अवकाश का दिन
शहर की सड़कों पर कम चहल-पहल तथा बाजार में बंद दुकानों को देख ऐसा लग रहा था मानों अवकाश का दिन है। बाजार बंद का असर सरकारी कार्यालयों में भी देखने को मिला। इन कार्यालयों में भी अन्य दिनों की अपेक्षा सुनसान माहौल रहा।

सालोदा में सन्नाटा
गत दिनों जिस क्षेत्र में पथराव व आगजनी की घटना हुई उस क्षेत्र में बंद के मद्देनजर सन्नाटा पसरा रहा। दुकाने बंद रही तो आवाजाही भी न के बराबर रही। बिना किसी दबाव के सालोदा, उदेई मोड़, सैनिक नगर में सभी दुकानें बंद रही। इसके अलावा ओसवाल चुंगी नाका, प्राइवेट बस स्टैण्ड रोड, फव्वारा क्षेत्र, नया बाजार, चौपड़ बाजार, खारी बाजार, इन्दिरा बाजार, चूड़ी बाजार, चौथमाता बाजार, ट्रक यूनियन, ईदगाह, मिर्जापुर, चूली गेट क्षेत्र समेत शहर के विभिन्न बाजारों में अधिकतर दुकानें बंद रही।
ट्रेन सुचारू
दिल्ली-मुम्बई रेल मार्ग पर मंगलवार को ट्रेनों का संचालन सुचारू रहा। हालांकि यात्री भार में कमी रही। स्टेशन पर भी स्थिति सामान्य रही। हालांकि रेलवे स्टेशन से टैम्पो का संचालन नहीं होने से कई यात्रियों को पैदल ही गंतव्य तक जाना पड़ा। कुछ ने परिजनों व परिचितों के वाहनों से लिफ्ट ली।