
रिंग सेरेमनी के बाद प्रसन्न मुद्रा में प्रेमी जोड़ा। फोटो: पत्रिका
गंगापुरसिटी। कहते हैं प्रेम की कोई सरहद नहीं होती। यह बात साबित करने जा रहे हैं गंगापुरसिटी और वियतनाम के एक युवक-युवती। दोनों का विवाह आगामी 21 दिसम्बर को वियतनाम के हाई फोंग शहर में होगा। दुल्हा गंगापुरसिटी के अग्रवाल नगर निवासी संकेत रावत हैं, जो ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में रिसर्चर के रूप में कार्यरत हैं। दुल्हन वियतनाम की हना हैं, जो अपने देश में वैज्ञानिक के रूप में सेवाएं दे रही हैं।
युवा जोड़े की रिंग सेरेमनी सोमवार को शहर के एक होटल में परिजनों व रिश्तेदारों की मौजूदगी में सम्पन्न हुई। इस दौरान दोनों के चेहरों पर छाई खुशी ने हजारों किलोमीटर की दूरी को बौना कर दिया। शिक्षा और शोध के साझा मंच पर हुई मुलाकात ने विचारों की समानता को रिश्ते में बदल दिया। परम्पराओं की बेड़ियां तोड़ते हुए परिवारों ने भी खुले दिल से इस रिश्ते को स्वीकार किया। परिजनों के अनुसार विवाह समारोह में भारतीय परम्पराओं की रस्में और वियतनामी संस्कृति की झलक दोनों देखने को मिलेगी।
संकेत रावत ने बताया कि उन्होंने एनआईटी श्रीनगर से बीटेक (सिविल) और बिट्स पिलानी से एमटेक करने के बाद पीएचडी के लिए ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर का रुख किया। वहीं उनकी मुलाकात वियतनाम निवासी हना से हुई, जो उसी कॉलेज से पीएचडी (केमिस्ट्री) कर रही थीं। धीरे-धीरे जान-पहचान दोस्ती में बदली और फिर दोनों ने जीवनभर साथ निभाने का संकल्प ले लिया। प्रेमी जोड़े का कहना है कि उनका रिश्ता सम्मान, समानता और विश्वास पर आधारित है। यह विवाह उन युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगा जो परम्पराओं की कठोर दीवारों से परे जाकर अपने जीवनसाथी का चुनाव करना चाहते हैं।
संकेत के पिता, करौली में मेडिकल विभाग में कार्यरत हैं। बताया कि बेटे ने फरवरी माह में वियतनाम की लड़की के बारे में जानकारी दी थी। शुरुआत में वे असहज हुए, लेकिन बेटे की खुशी के लिए वियतनाम जाकर लड़की और उसके माता-पिता से मुलाकात की। भिन्न संस्कृति और धर्म के बावजूद उनके मिलनसार व्यवहार और विनम्रता ने उन्हें प्रभावित किया। इसके बाद उन्होंने इस रिश्ते को खुशी-खुशी स्वीकार कर लिया।
संकेत के माता-पिता ने बताया कि भाषा का अंतर भी टेक्नोलॉजी के आगे फीका साबित हुआ। दोनों परिवारों की बातचीत गूगल ट्रांसलेटर के माध्यम से होती है। जिससे वे एक-दूसरे की भावनाओं को समझ पाते हैं। भाषा की दीवार के बावजूद टेक्नोलॉजी ने रिश्तों में मिठास घोल दी। अब परिजन और रिश्तेदार हना को अपने घर की बहू बनाकर लाने को लेकर खासे उत्साहित हैं। वहीं समाज के प्रबुद्धजनों ने भी रिंग सेरेमनी में भागीदारी निभाते हुए इस रिश्ते को पूरी मान्यता और सम्मान दिया।
Updated on:
09 Dec 2025 02:39 pm
Published on:
09 Dec 2025 02:39 pm
