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कन्हैया पद दंगल में उमड़ा सैलाब

कन्हैया पद दंगल में उमड़ा सैलाब,कार्यक्रम में दी कई प्रस्तुतियां
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सवाई माधोपुर

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murlidhar sharma

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Updated: 8 Mar 2018, 8:18 PM IST

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सभा को संबोधित करते वक्ता।

भाड़ौती. कस्बे के समीप ग्राम कीरतपुरा (मलारना चौड़) में कन्हैया दंगल हुआ। इसमें बड़ी संख्या में आसपास के ग्रामीणों ने भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व पंचायत समिति सदस्य मलारना चौड़ दीनदयाल मीना ने की।

मीना ने इस दौरान कीरतपुरा में मुख्य सड़क से लहकोड़ माताजी के मंदिर तक ग्राम पंचायत से रोड बनवाने की घोषणा भी की। कार्यक्रम में कस्बे सहित गांव मलारना चौड़, भावरा व डिवाचली की पार्टियों ने भाग लिया। दंगल में कई गावों से आई पार्टियों ने अपनी मधुर प्रस्तुतियों से लोगों का मन जीत लिया.

हलौंदा में कन्हैया पद दंगल 14 को
सवाईमाधोपुर. हलौन्दा में 14 मार्च को कन्हैया दंगल होगा। आयोजन से जुड़े विजयसिंह गुर्जर ने बताया कि इसमें कैलाशपुरी, बाढ़पुर, दहड़ौद गांव की मण्डली गायन की प्रस्तुतियां देगी। मुख्य अतिथि पूर्व कैबिनेट मंत्री अशोक बैरवा होंगे।

लोककथा : सुख का रहस्य
शेख सादी एक बड़े फकीर और उतने ही बड़े विचारक थे। एक दिन वे कहीं जा रहे थे। रास्ते में एक भिखारी बैठा था। वह बहुत प्रसन्न दिखता था। भिखारी को देख शेख सादी ने सोचा कि वे एक संत होकर भी दिनभर उदास रहते हैं, पर वह भिखारी अभाव में जीते हुए भी खुश था। बल्कि वह तो विकलांग भी है।

इसका रहस्य क्या है, यह जानने के लिए शेख सादी ने भिखारी से पूछा- 'अरे भई! तुम इतने अभावग्रस्त हो, फिर भी प्रसन्न कैसे? भिखारी बोला- 'मैं सोचता हूं मेरे पास पैर नहीं तो क्या, ईश्वर ने मुझे दिमाग तो दिया है। मेरे पास आंखें हैं, हाथ हैं। मेरे पास एक जीवन है।

इनके होते हुए मुझे धन का या अपने पैरों का अभाव नहीं खटकता। भिखारी की इन बातों ने शेख सादी के लिए सुख का रहस्य खोल दिया था। उन्हें इस सत्य का ज्ञान हुआ कि हमें अपने पास उपलब्ध सुखों को भुलाकर हमेशा अभावों के लिए नहीं रोते रहना चाहिए।

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