
विज्ञान दिवस पर हुए कई कार्यक्रम, वैज्ञानिक सोच आवश्यक
गंगापुरसिटी. विज्ञान दिवस के उपलक्ष्य में क्षेत्र में मंगलवार को हुए कार्यक्रमों में वक्ताओं ने विज्ञान के प्रति समाज में जागरूकता लाने और वैज्ञानिक सोच को बढ़ाने पर जोर दिया। वक्ताओं का कहना था कि इस दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य वर्तमान दौर में वैज्ञानिक सोच व तकनीक को अपनाने के लिए लोगों को पे्ररित करना है।
भगवती शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय में विज्ञान दिवस पर सहायक सामग्री निर्माण को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इसमें प्रतिभागियों ने शिक्षण सहायक सामग्री के निर्माण, इसकी आवश्यकता, इसे तैयार करने और विषय की प्रासंगिकता के साथ इसे रोचक बनाने पर सुझाव दिए। प्रशिक्षण प्रभारी मनीषा श्रीवास्तव ने शिक्षण को प्रभावी एवं उत्कृष्ट बनाने के लिए विभिन्न सहायक सामग्रियों के निर्माण के बारे में बताया। प्रतिभागियों ने विभिन्न प्रकार की वस्तुओं आइसक्रीम स्टीक, वायर, डिस्पॉजल ग्लास आदि से उपयोगी वस्तुएं बनाकर विज्ञान की आवश्यकता को साकार किया। दीपक एवं सचिन ग्रुप ने हाइड्रोलिक लिफ्ट, पूजा एवं पायल ने वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, भारती एवं अर्चना ने मानव तंत्र के मॉडल बनाए। महाविद्याय प्राचार्य केशवलाल गुप्ता के अलावा दीपक शर्मा, रामदयाल बैरवा, जितेन्द्र पाराशर, रामअवतार मीणा, विपिन बिहारी शर्मा, विजय शर्मा आदि ने भी सहयोग किया।
इधर, कुहू इण्टरनेशनल उच्च माध्यमिक विद्यालय में 9वीं से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को विज्ञान के महत्व व विज्ञान दिवस की जानकारी दी गई।
छात्र-छात्राओं ने मॉडल प्रस्तुत किए। विद्यालय के निदेशक हेमन्त शर्मा ने भी विज्ञान दिवस के बारे में बताया।
इस दौरान कुहू इण्टरनेशनल विद्यालय प्रभारी विनोद गुप्ता, व्याख्याता एस. के. तिवाड़ी, वेदप्रकाश गौतम, दीपक शर्मा, विजय बागोरिया, हिमांशु शर्मा, मुनेश मीना भी मौजूद थे।
विज्ञान के प्रति समाज में जागरूकता लाने और वैज्ञानिक सोच विकसित करने के उद्देश्य से हर साल 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जाता है।
दरअसल में इस दिन सर सी. वी. रमन ने अपने आविष्कार की घोषणा की थी। इसके लिए वर्ष 1930 में उन्हें नोबल पुरस्कार भी मिला था। बात विज्ञान की आने पर पत्रिका ने खास मुलाकात की कोटा विश्वविद्यालय में शिक्षा संकाय के डीन व भगवती शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय गंगापुर सिटी के प्राचार्य प्रो. डॉ. कृष्णकान्त शर्मा से। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक विज्ञान में भौतिकी, रसायन शास्त्र, जीव विज्ञान आदि विषय आते हैं। इसके अतिरिक्त सामाजिक विज्ञान में हम समाज का अध्ययन करते हैं। इसमें अर्थशास्त्र, इतिहास, शिक्षा शास्त्र समाज शास्त्र आदि विषय आते हैं। दरअसल विज्ञान शब्द का प्रयोग दो रूपों में किया जाता है। एक तो संकाय (विभिन्न विषय) के रूप में और दूसरा प्रक्रिया के रूप में। उन्होंने बताया कि एक प्रक्रिया के रूप में विज्ञान हमारे अन्दर वैज्ञानिक सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आज जरूरत है बच्चों में वैज्ञानिक सोच पैदा करने की। जीवन में कोई भी कार्य करें, व्यवस्थित व नियमित रूप से योजना बनाकर करें। आगे चलकर यही वैज्ञानिक सोच विकसित होकर हमें मनवांछित सफलता दिलाती है और राष्ट्रीय विकास में सहायक बनती है।
Published on:
03 Mar 2018 11:03 am
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