सवाईमाधोपुर. दीपों का पर्व दीपोत्सव का त्योहार इस बार 10 नवम्बर से धनतेरस के साथ ही शुरू हो जाएगा। इस बार 10 नवंबर से 15 नवंबर तक मनाया जाएगा। दीपावली का पर्व धनतेरस से प्रारंभ होकर भैया दोज तक चलेगा। दीपावली के अगले दिन अन्नकूट मनाने व गोवर्धन पूजा करने की परंपरा है लेकिन इस साल दीपावली के एक दिन बाद अन्नकूट व गोवर्धन पूजा होगी।
पं.ताराचंद शास्त्री ने बताया कि इस बार दस व 11 नवंबर को धनतेरस मनाई जाएगी। 12 नवंबर को रूप चौदस के साथ बड़ी दीपावली भी मनाई जाएगी। दीपावली के दिन लक्ष्मी गणेश और कुबेर की पूजा की जाएगी। 13 नवंबर को सर्वपितृ अमावस्या व सोमवती अमावस्या मनाई जाएगी। इस दिन पितरों के निमित्त दान और पितृ तर्पण किया जाता है। 14 नवंबर को अन्नकूट व गोवर्धन पूजा होगी। इस बार अमावस्या तिथि होने के कारण एक दिन बाद अन्नकूट व गोवर्धन पूजा होगी। 15 नवंबर को भाई दूज मनाई जाएगी।
इस बार दो दिन मनेगी धनतेरस
कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी के दिन धनतेरस का पर्व आता है। इस बार त्रयोदशी तिथि 10 नवंबर को दोपहर 12 बजकर 35 मिनट से शुरू होकर 11 नवंबर को दोपहर 1 बजकर 57 मिनट तक रहेगी। ऐसे में दो दिन तक 10 और 11 नवम्बर को धनतेरस मनाई जाएगी। इस दिन भगवान धन्वंतरि प्रकट हुए थे। धनतेरस के दिन से दिवाली का त्योहार प्रारंभ हो जाता है। मान्यता है इस तिथि पर आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वंतरि समुद्र मंथन से अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। इसी वजह से हर साल धनतेरस पर बर्तन खरीदने की परंपरा निभाई जाती है।
यह रहेगा लक्ष्मी पूजन मुहुर्त
रूप चतुर्दशी पर रविवार को महालक्ष्मी पूजन किया जाएगा। इसका समय मुख्य पूजन प्रदोष काल संध्या 6.40 बजे से तीन मुहूर्त में रहेंगे। पूजन काल का समय अमावस्या बाद 2.45 बजे से शाम 6 बजे तक रहेगा। उसके बाद वृषभ लग्न स्थिर लग्न रहेगा जो शाम 6 बजे से 7 बजकर 56 मिनट तक रहेगा। शुभ का चौघडिय़ा 6.11 बजे से लेकर के 8.18 बजे तक किया जा सकता है।