
Melon-cucumber blossom again in Banas river belt
सवाईमाधोपुर. भारजा नदी के निकट स्थित बनास नदी पेटे में अब फिर से खरबूजे-ककड़ी की पैदावार होने की उम्मीद जगी है। राज्य सरकार की ओर से बनास नदी पर 33 करोड़ की लागत से एनिकट बनाने की घोषणा की गई है। गौरतलब है कि पूर्व में गर्मी के मौसम में बनास नदी के पेटे में खीरे, ककड़ी व खरबूजे की पैदावार होती थी। बनास के प्याज तो आस-पास के जिलों में दूर-दूर तक बिकने जाते थे, लेकिन जल स्तर गिरने से गर्मी का मौसम आते-आते बनास नदी सूख जाती है। इसके चलते पानी के अभाव में अब किसानों ने बनास नदी के पेटे में जायद फसलों की पैदावार बंद कर दी थी। लेकिन अब एनिकट निर्माण से वर्षा जल संग्रहण से जल स्तर में बढ़ोतरी होगी। इससे किसानों को फिर से एक नई आस जगी है।
ये रहेगी भराव क्षमता
जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता रामनिवास मीणा के अनुसार बनास नदी पर एनीकट निर्माण में 3320.71 लाख की लागत आएगी। इस एनीकट की भराव क्षमता 5.594 मिलियन क्यूबिक मीटर तथा उचांई 3.90 मीटर रहेगी।
फुटबॉल बनी थी फाइल
एनीकट निर्माण की फाइल जलदाय व सिंचाई विभाग के बीच फुटबॉल बनी थी। इसको देखते हुए विधायक अबरार ने दोनों विभागों के अधिकारियों की संयुक्त बैठक लेकर एनिकट निर्माण का प्रस्ताव तैयार करवाया, साथ ही उन्होंने विभागीय मंत्री बीडी कल्ला से मिलकर प्रशासनिक स्वीकृति जारी कराई। इसके बाद गत दिनों उन्होंने मुख्यमंत्री से मिलकर एनिकट निर्माण की घोषणा के लिए आग्रह किया।
एनिकट निर्माण को लेकर लोगों की ओर से लम्बे समय से मांग की जा रही थी। अथक प्रयासों के बाद राज्य सरकार ने घोषणा कर दी है। इससे क्षेत्र के गांवों में जलस्तर बढ़ेगा, खेती में फायदा होगा।
दानिश अबरार, विधायक, सवाईमाधोपुर
Published on:
31 Jul 2019 02:01 pm
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