
sawaimadhopur mirch utpaadan
सवाईमाधोपुर. इस साल कम बारिश के बावजूद जिले में मिर्च की बम्पर पैदावार हो रही है। पिछले साल के मुकाबले इस बार किसान मिर्च उत्पादन में तीन गुना मुनाफा कमा रहे हैं। काश्तकारों को मिर्च का तीन गुना भाव अधिक मिल रहा है। इससे किसानों के चेहरे खिल उठे है। जानकारी के अनुसार जिले के छाण गांव में सर्वाधिक मिर्च उत्पादन होता है। यहां प्रतिवर्ष करीब ढाई हजार हैक्टेयर में मिर्च उत्पादन होता है। इस बार यहां एक हजार हैक्टेयर में किसानों ने मिर्च की बुवाई की है। वहीं मिर्च के भाव भी 15 से 20 रुपए प्रति किलो मिल रहे हैं। कई खेतों में हरी मिर्च के पौधे लहलहा रहे हैं, तो कई किसान खेतों पर मिर्च तुड़ाई में जुटे हैं।
पिछले साल घाटे में रहे किसान
पिछले साल यहां दो हजार हैक्टेयर में किसानों ने मिर्च की बुवाई की थी। हालांकि पहले भी मिर्च की बम्पर पैदावार हुई, लेकिन किसानों को उपज का वाजिब दाम नहीं मिला। इससे किसान निराश रहे। आलम यह था कि किसानों को चार से पांच रुपए प्रति किलो भाव से मिर्च बेचनी पड़ी। ऐसे में क्षेत्र के किसानों को मिर्च उत्पादन में भारी नुकसान हुआ।
हाइब्रिड मिर्च में रुझान
जानकारी के अनुसार पिछले पांच सालों से मिर्च उत्पादन करने वाले किसानों का रुझान हाइब्रिड मिर्च उत्पादन में बढ़ा है। हाइब्रिड
मिर्च की वरीयता एक जैसी होती है। दाम भी अच्छे मिलते है, जबकि देशी मिर्च अलग-अलग प्रकार
की होती है। इसमें कोई लम्बी, तो कोई मोटी-छोटी व रोगयुक्त होती है। इससे किसानों को उपज का वाजिब दाम नहीं मिल पाता।
20 हजार हैक्टेयर में मिर्च उत्पादन
उद्यानिकी विभाग के मुताबिक खण्डार क्षेत्र में करीब 20 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में मिर्च उत्पादन किया जाता है। वहीं छाण में प्रतिवर्ष करीब ढाई हजार क्षेत्र में मिर्च की पैदावार होती है। यहां एक हैक्टेयर में सौ से डेढ़ सौ क्विंटल मिर्च उत्पादन होता है। किसान एक बीघा क्षेत्र में छह बार मिर्च की तुड़ाई करते हैं। इसमें 50 से सौ बोरी मिर्च निकलती है।
कम खर्च, ज्यादा फायदा
क्षेत्र के किसानों ने बताया कि हरी मिर्च की बुवाई में खर्च कम आता है। एक बीघा जमीन में करीब चार से पांच हजार रुपए का खर्च आता है। हरी मिर्ची के भाव अच्छे व किसी प्रकार का रोग नहीं हो तो प्रति बीघा 25 से 30 हजार मुनाफा हो जाता है।
रोजाना आठ हजार बोरी लदान
जिले के छाण क्षेत्र में सर्वाधिक मिर्च पैदावार होती है। पिछले वर्ष चार से पांच रुपए किलो के भाव से बिकने वाली हरी मिर्च इस बार 15 से 20 रुपए के भाव से बिक रही है। बाडिय़ों से रोजाना करीब आठ हजार बोरी मिर्च लदान हो रही है।
फिलहाल मिर्च में रोग नहीं
तापमान अनुकूल होने से फिलहाल मिर्च में रोग नहीं है। इन दिनों मिर्च की ग्रोथ अच्छी है। तापमान अधिक होने पर रोग लगने की आशंका हो सकती है। समय-समय पर मिर्च फसल की मॉनिटरिंग की जा रही है।
मोहनलाल सैनी, सुपरवाइजर, उद्यानिकी विज्ञान, सवाईमाधोपुर
ये बोले किसान
छह बीघा में बुवाई
करीब दो बीघा जमीन में हरी मिर्च की बुवाई की है। मिर्च भी अच्छी है। मिर्ची लगनी शुरू हो गई है। रोजाना करीब 50 किलो मिर्च निकल रही है। हरी मिर्च 18 से 20 रुपए प्रति किलो भाव से बेच रहे हैं।
रघुनंदन जांगिड़, किसान, छाण
पैदावार अच्छी है
इस बार मिर्च की बम्पर पैदावार है। मिर्च के 15 से 20 रुपए प्रतिकिलो से बिक रही है। पिछले साल पांच रुपए किलो तक ही भाव थे, इससे नुकसान हुआ। इस बार अच्छे दाम मिलने की उम्मीद है।
रामकुंवर सैनी, किसान
बढ़ा है रुझान
मिर्च उत्पादन में किसानों को हाइब्रिड मिर्च में रुझान बढ़ा है। इस बार कम बारिश के बावजूद अच्छी पैदावार है। किसान खेतों पर मिर्च तुड़ाई में जुटे हैं।
योगेश सैनी, कृषक
कर रहे हैं तुड़ाई
करीब एक महीने पहले मिर्च में झुलसा रोग लगा था। दवा छिड़कने के बाद मिर्च में रोग लगना बंद हो गया है। एक बीघा में छह से
सात बार मिर्च की तुड़ाई करते है। प्रतिदिन छह से सात बोरी निकाल रहे हैं।
मूलचंद गुर्जर, किसान
Published on:
11 Dec 2017 08:40 pm
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