सवाईमाधोपुर. रणथम्भौर टाइगर रिजर्व में पार्क भ्रमण के दौरान अनियमिताओं का सिलसिला लगातार जारी है। पूर्व में जहां पार्क भ्रमण के दौरान जिप्सी को निर्धारित ट्यूरिस्ट ट्रैक से नीचे उतारने, जोन दस में भ्रमण के दौरान जिप्सी पलटने के मामले सामने आए थे वहीं अब रणथम्भौर में पर्यटकों को नाइट सफारी कराने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार एक सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। 51 सैंकड के इस वीडियों में कई जिप्सियों से पर्यटकों को रणथम्भौर के सिंह द्वार के पास नाइट सफारी कराकर टाइगर साइटिंग कराई जा रही है। वीडियों बुधवार देर शाम का बताया जा रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद रणथम्भौर में एक बार फिर से हडकंप मच गया है।
हरकत में आया विभाग, 6 जिप्सियों पर लगाया प्रतिबंध
सोशल मीडिया पर नाइट सफारी कराने का वीडियो वायरल होने के बाद वन विभाग भी तुरंत हरकत में आ गया है। वन विभाग की ओर से तत्काल कार्रवाई करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी गई है और विभाग की ओर से तत्काल प्रभाव के रात में नाइट सफारी करा रही छह जिप्सियों, चालक व नेचर गाइड पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। विभाग की ओर से मामले में जिप्सी संख्या आरजे 25 टीए 2188, आरजे 25 टीए 1930, आरजे 25 टीए 2232,आरजे 25 टीए 1699, आरजे 25 टीए 2179 व आरजे 25 टीए 2219 को अग्रिम आदेश तक पार्क में प्रवेशकरने से प्रतिबंधित किया है। इसके साथ ही नेचर गाइड विजय कुमावत,सूरज बाई, बत्तीलाल गुर्जर,विजय शर्मा, सतीश जैन व मुकेश शर्मा के साथ वाहन चालक राजेन्द्र सिंह, कमलेश, वीरेन्द्र, लखन राणा, अनीस व भरतलाल पर भी अग्रिम आदेश तक प्रतिबंध लगाया गया है।
पार्क भ्रमण का समय शाम साढ़े छह तक
वन अधिकारियों ने बताया कि शाम की पारी में पार्क भ्र्रमण का समय दोपहर तीन से शाम साढ़े छह बजे तक निर्धारित है। ऐसे में भ्रमण पर गए पर्यटकों को नियमानुसार साढ़े छह बजे तक पार्क से बाहर आना होता है। लेकिन बुधवार शाम को भ्रमण पर गई छह जिप्सियां निर्धारित समय तक पार्क से बाहर नहीं आई और अंधेरा होने के बाद उक्त जिप्सियों को सिंहद्वार के पास एक बाघ सड़क पार करता नजर आया। वहीं रणथम्भौर दुर्ग के भ्रमण पर गए पर्यटकों को भी सूर्यास्त से पूर्व ही वाहर आना होता है।
पूर्व में भी सामने आ चुके है मामले
रणथम्भौर में सूर्यास्त के बाद त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग पर टाइगर साइटिंग के मामले पूर्व में भी सामने आ चुके है। इतना ही नहीं एक बार पूर्व में एक मंत्री भी त्रिनेध गणेश के दर्शन कर सूर्यास्त के बाद ही बाहर आए थे। लेकिन उस समय वन विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई थी।
इनका कहना है….
निर्धारित समय के पूरा होने और सूर्यास्त के बाद भी बुधवार शाम को सिंहद्वार पर कुछ जिप्सियां पर्यटकों को टाइगर साइटिं्रग कराने की सूचना मिली थी। ऐसे में उक्त जिप्सी, गाइड व चालक को अग्रिम आदेश तक पार्क में प्रवेश से प्रतिबंधित कर दिया है। मामले की जांच की जा रही है।
– संदीप चौधरी, उपवन संरक्षक(पर्यटन), रणथम्भौर बाघ परियोजना, सवाईमाधोपुर।