
गंगापुरसिटी . ग्रामीण आवास योजनाओं के तहत उपखण्ड में पूर्व के वर्षों में बड़ी संख्या में स्वीकृतियां जारी की गई, लाभार्थियों ने प्रथम किस्त भी उठाई, लेकिन लम्बे अरसे बाद तक आवास पूरे नहीं हुए। कई आवेदकों ने तो राशि लेने के बाद मकान की नींव तक नहीं भरी। योजना की प्रभावी मॉनिटरिंग नहीं होने से यह स्थिति पैदा हुई है। पंचायत समिति प्रशासन ने ग्राम सचिवों को पत्र लिखकर काम नहीं शुरू करने वाले लाभार्थियों से राशि वसूली के आदेश दिए हैं। वहीं आनाकानी करने पर एफआईआर तक दर्ज कराने का निर्णय लिया है।
नहीं दिया ध्यान
2011-12 से लेकर बाद के वर्षों में मुख्यमंत्री बीपीएल आवास योजना, इंदिरा आवास योजना-अतिरिक्त, इंदिरा आवास योजना रेगुलर के तहत पंचायत समिति क्षेत्र में पात्र लोगों को आवास स्वीकृत किए गए थे। इसी के साथ प्रथम किस्त भी जारी की गई। कई लाभार्थी ऐसे रहे जिन्होंने दूसरी किस्त नहीं ली। कई ऐसे हैं जिन्होंने दूसरी के बाद तीसरी किस्त नहीं उठाई। नतीजा यह रहा कि सालभर में जो काम पूरे हो जाने चाहिए थे, वे अब तक नहीं हुए हैं।
ग्रामीण आवास योजनाओं के तहत पूर्व में एक आवास पर तीन किस्तों में कुल 70 हजार रुपए देय थे। अब यह राशि बढ़ाकर तीन किस्तों में 95 हजार रुपए कर दी गई है। 2012-13 में पंचायत समिति के तहत ग्रामीण आवास योजनाओं में 192 आवास स्वीकृत हुए। इनमें 137 की द्वितीय किस्त बकाया रही। 2014-15 में 472 आवास स्वीकृत किए गए, इनमें से 112 प्रकरणों में तीसरी किस्त बकाया है।
बंद पड़े हैं काम
जिले में वर्ष 2011-12 से 2015-16, चार वित्तीय वर्षों में 10 हजार से अधिक ऐसे आवास हैं, जिनकी तीसरी किस्त बकाया है यानि ये अधूरे पड़े हुए हैं। पंचायत समिति गंगापुरसिटी में 400 सौ मकान ऐसे हैं। जांच में कई मामले सामने आए जिसमें लाभार्थियों की अरुचि सामने आई। कुछ ने किस्त उठा ली, लेकिन वे गांव में नहीं रहते। इसलिए उन्होंने मकान नहीं बनाया।
किस्त उठाने के बावजूद मकान का निर्माण नहीं करने वाले लाभार्थियों के खिलाफ वसूली की कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ी तो पुलिस में एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।
रूपसिंह गुर्जर, विकास अधिकारी, पंचायत समिति, गंगापुरसिटी
Published on:
28 Mar 2017 04:39 pm
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