
On the verge of drilling the dill dam, the problem of troubles
पीपलवाड़ा. सवाईमाधोपुर में 17 फीट भराव क्षमता वाले ढील बांध का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। अब तक 15 फीट से अधिक पानी की आवक हो चुकी है। बांध में लगातार पानी की आवक से क्षेत्र के लोगों में खासा उत्साह है। गौरतलब है कि बांध ओवरफ्लो होने पर यहां लोग पिकनिक मनाने आते हैं। ढील बांध कई गांवों का सिंचाई का प्रमुख स्रोत माना जाता है, लेकिन बांध प्रशासन की अनदेखी का शिकार हो रहा है।
पर्यटकों की दृष्टि से सुविधा का अभाव
बांध भरने के बाद पर्यटकों का खासा उत्साह देखने को मिलता है, लेकिन बांध पर कर्मचारियों व गोताखोर की कमी के साथ ही पाल पर सुरक्षा के लिए लगी लोहे की रेलिंग क्षतिग्रस्त होने से खतरा बना रहता है। वहीं शिशोलाव से बांध तक पहुंचने वाली सड़क भी क्षतिग्रस्त है।
नहर निर्माण कार्य धीमा
ढील बांध नहर दो महीने लगातार चलने से किसानों की रबी की फसल तैयार हो जाती है, लेकिन इस बार किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें दिखाई देने लगी है। करीब 6 महीने से नहर का पक्का निर्माण कछुआ चाल से महज 500 मीटर तक हुआ है और कई किलोमीटर तक नहर मशीनों से अवरुद्ध हो रही है। बांध में सिंचाई के लिए पानी की आवक हो गई है। दीपावली बाद बांध से नहर में सिंचाई के लिए पानी छोड़ा जाता था, लेकिन निर्माण को देखकर पानी छोडऩे को लेकर किसानों में संशय है।
ढील बांध पर्यटक स्पॉट नहीं है, इसलिए गोताखोर के अलावा अन्य कोई सुरक्षा नहीं रखी जाती है। चौकी पर तालाबंदी कॉलोनी में लगे पौधों की सुरक्षा के लिए रखी जाती है और बांध ओवरफ्लो के चलते आने वाले कचरे में रुकावट आता है। बांध से किसानों के लिए पानी छोड़ा जाएगा।
चेतराम मीणा, सहायक अभियंता, सिंचाई विभाग
Published on:
30 Jul 2019 03:13 pm
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