13 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पालनहार योजना को लगा उदासीनता का ग्रहण

पालनहार योजना को लगा उदासीनता का ग्रहणभौतिक सत्यापन नहीं होने से तीन माह से जिले के 5 हजार 320 बच्चों का भुगतान अटकासवाईमाधोपुर. सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की पालनहार योजना के तहत वार्षिक सत्यापन नहीं होने से बीते तीन माह से जिले के 5 हजार से अधिक बच्चों को योजना का नहीं मिल पा रहा है। विभागीय शिथिलता की इस स्थिति के चलते जिले में केवल आधे से कम बच्चों के सत्यापन की कार्रवाई हो पाई है।

2 min read
Google source verification
पालनहार योजना को लगा उदासीनता का ग्रहण

पालनहार योजना को लगा उदासीनता का ग्रहण

पालनहार योजना को लगा उदासीनता का ग्रहण
भौतिक सत्यापन नहीं होने से तीन माह से जिले के 5 हजार 320 बच्चों का भुगतान अटका
सवाईमाधोपुर. सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की पालनहार योजना के तहत वार्षिक सत्यापन नहीं होने से बीते तीन माह से जिले के 5 हजार से अधिक बच्चों को योजना का नहीं मिल पा रहा है। विभागीय शिथिलता की इस स्थिति के चलते जिले में केवल आधे से कम बच्चों के सत्यापन की कार्रवाई हो पाई है। सत्यापन की कार्रवाई हर साल जुलाई माह में होती है। लेकिन विभागीय उदासीनता के कारण इस योजना से जुड़े जिले के 5 हजार 320 बच्चों का भौतिक सत्यापन नहीं हो पाया है। इससे पात्र बच्चों के लिए इस योजना का लाभ तीन माह से अटका हुआ है।
गौरतलब है कि पालनहार योजना में अनाथ बच्चों, विधवा महिलाओं, कुष्ठ रोग, एड्स पीडि़त, विशेष योग्यजन दम्पती, परित्यक्ता एवं तलाकशुदा महिलाओं की संतानों को लाभान्वित किया जाता है। हर साल जुलाई में इनके सत्यापन के बाद इन बच्चों का नवीनीकरण मानते हुए योजना से लाभान्वित किया जाया है।
आधे बच्चों का
नहीं सत्यापन
वित्तीय वर्ष 2022-23 में जिले में कुल 9 हजार 883 बच्चों में से महज 4 हजार 563 बच्चों का नवीनीकरण हो पाया है, जबकि 5 हजार 320 बच्चों का अब तक भौतिक सत्यापन और इसके बाद नवीनीकरण ही नहीं हुआ है। जिले में जुलाई माह से दस श्रेणियों का भुगतान बकाया है। जानकारी के अनुसार बच्चों के पालनहार को बच्चों के नियमित अध्ययनरत होने का प्रमाण पत्र बनवाकर ई-मित्र पर बॉयोमैट्रिक सत्यापन कराना होता है।
ये होते हैं पात्र
विधवा पालनहार योजना के अन्तर्गत वे बालक-बालिकाएं जिनके पिता की मृत्यु हो गई हो व माता निराश्रित विधवा पेंशन की पात्रता रखती हो। ऐसी महिला के लिए तीन संतान तक सहायता राशि दी जाती है। नाता पालनहार योजना के अन्तर्गत ऐसे बालक-बालिकाएं, जिनकी माता उन्हें छोडकऱ नाते चली गई हो और उसे नाते गए एक वर्ष से अधिक हो गया हो तो ऐसी माता को 3 संतान तक सहायता देय होती है। इसके अलावा ऐसे बालक-बालिका जिनके पिता की मृत्यु हो गई हो एवं जिनकी विधवा माता ने विधिवत पुनर्विवाह कर लिया हो। ऐसी माता की समस्त संतानों के लिए भी अनुदान सहायता राशि देय होती है।
ये मिलता है लाभ
पालनहार योजना में जिन बच्चों के माता-पिता की मृत्यु हो चुकी है, या माता-पिता को न्यायिक आदेशों के तहत आजीवन कारावास या मृत्यु दण्ड की सजा को चुकी है, या माता पिता की दोनों में से एक की मृत्यु हो चुकी हो, ऐसे बच्चों के लिए प्रारम्भिक 500 रुपए स्कूल में दाखिल होने से 6 से 18 वर्ष तक एक हजार रुपए की सहायता राशि दी जाती है।
ये है जिले की स्थिति

ब्लॉक कुल योग्य नवीनीकरण बच्चे से वंचित बच्चे
बामनवास 1276 362
ब्लॉक 1545 538
गंगापुरसिटी 2493 1629
खण्डार 1286 925
सवाईमाधोपुर 1873 1322
चौथकाबरवाड़ा 1217 443
मलारना डूंगर 193 71
कुल 9883 5,320
जागरूकता की आ रही कमी
&पालनहार योजना में बच्चों के भौतिक सत्यापन को लेकर गत दिनों बैठक में निर्देश दिए थे। भौतिक सत्यान के अभाव में जुलाई माह से बच्चों का भुगतान अटका है। जागरूकता की कमी से भौतिक सत्यापन नहीं हो पा रहा है। योजना के प्रचार- पर पूरा जोर दे रहे है। आगामी दिनों में ग्राम पंचायतों में भी शिविर लगाकार लोगों को जागरूक किया जाएगा।
मीना आर्य, सहायक निदेशक, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, सवाईमाधोपुर


बड़ी खबरें

View All

सवाई माधोपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग