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सवाई माधोपुर

ईको सेंसेटिव जोन में भी जल्द जारी हो सकेंगे पट्टे

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में किया बदलाव नगर परिषद क्षेत्र के आधे से अधिक वार्ड के लोगों को मिलेगी राहत

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सवाईमाधोपुर. रणथम्भौर बाघ परियोजना के आसपास बसे नगर परिषद क्षेत्र के बाशिंदों को अब राहत मिल सकेगी। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में अपने एक आदेश में बदलाव करके लोगों को राहत दी है। दरअस्ल तीन जून 2022 को सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी की गई गाइडलाइन में रणथम्भौर बाघ परियोजना के एक हजार मीटर की परिधि को अग्रिम आदेश तक ईको सेंसेटिव जोन घोषित किया गया था। और रणथम्भौर बाघ परियोजना की एक हजार मीटर की परिधि में अग्रिम आदेश तक किसी भी प्रकार से निर्माण व आवसीय व व्यवसायिक गतिविधियों पर रोक लगा दी गई थी।इसके बाद से नगर परिषद की ओर से प्रशासन शहरों के संग अभियान के तहत रणथम्भौर बाघ परियोजना के एक हजारमीटर की परिधि में आने वालेू वार्ड में पट्टा वितरण को बंद कर दिया गया था। ऐसे में अब लोगों को आवसीय पट्टे भी जारी नहीं किए जा रहे थे। ऐसे में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट की ओर से आदेश में बदलाव करके निर्माण की स्वीकति देने के आदेश जारी किए हैं। हालांकि खनन पर पूर्व की भांति ही रोक जारी रखी गई है।
आधे से अधिक वार्ड थे जद में
नगर परिषद से मिली जानकारी के अनुसार सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के बाद रणथम्भौर बाघ परियोजना के एक हजार मीटर की परिधि में आने वाले वार्डो में नगर परिषद की ओर से पट्टा वितरण बंद कर दिया गया। एक हजार मीटर की परिधि में नगर परिषद क्षेत्र के 60 में से 31 वार्ड शामिल है। इसमें पुराने शहर के सभी वार्ड, रणथम्भौर रोड, आलनपुर के वार्ड भी इस नियम की जद में आ रहे थे।
600 से अधिक फाइले अटकी
जानकारी के अनुसार ईको सेंसेटिव जोन के नियम के कारण वर्तमान में नगर परिषद का पट्टा वितरण कार्यक्रम 50 प्रतिशत से अधिक प्रभावित हो गया था। परिषद मूें इस नियम के फेर में पट्टे की करीब 600 से अधिक फाइलें अटकी हुई थी। हालांकि नगर परिषद की ओर से ईको सेंसेेटिव जोन की जद मेंं आने वाले वार्डो की पट्टा वितरण की फाइलोंं को पूरी तरह से खारिज नहीं किया गया था। परिषद की ओर से इन सभी फाइलों को े पेण्डिंग में रखा गया था। ऐसे में अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश में बदलावहोने के बाद एक बार फिर पट्टा वितरण की राह खुल गई है।
इनका कहना है….
उच्चतम न्यायालय की ओर से हाल में ही अपने पूर्व में आदेशों में बदलाव किया गया है। और ईको सेंसेटिव जोन में निर्माण की अनुमति दी है लेकिन अभी तक इस संबंध में लिखित में आदेश प्राप्त नहीं हुए हैं। लिखित में आदेश आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
– होतीलाल मीणा, आयुक्त नगर परिषद, सवाईमाधोपुर।