
रेल प्रशासन लगाएगा, बेहिसाब दामों पर बिक रहे खाने—पीने की चीजों पर लगाम
गंगापुरसिटी. खाद्य सामग्री में गड़बड़ी कर ट्रेन में बेचने वाले अब रेलवे मंत्रालय की पैनी नजर से बच नहीं पाएंगे। सभी ट्रेनों में खाने-पीने की सामग्री के बेहिसाब लिए दामों पर रेलवे लगाम लगाने जा रहा है। इसके लिए रेल मंत्रालय ने नए नियम तय किए हैं। इसके तहत भोजन की सुविधा वाली ट्रेन में यात्रियों को भोजन उपलब्ध कराने के बाद बिल देना अनिवार्य होगा। यह नया नियम 31 मार्च से लागू हो जाएगा।
मिल रही थी अधिक वसूली की शिकायतें
कई ट्रेन में सफर के दौरान यात्रियों को खाद्य सामग्री बेची जाती है। इस पर रेल यात्रियों की अक्सर शिकायतें रहती है कि खाद्य सामग्री बेचने वाले व भोजन परोसने वाले कर्मचारी बिल देने से इनकार कर देते हैं। उनसे मनमानी राशि वसूली जाती है। कुछ मामलों में यात्रा पूरी होने पर बिल देने की बात कही जाती है। जहां यात्रियों से खर्चे की राशि अधिक वसूल ली जाती है। इससे यात्रियों की जेब पर अनावश्यक अधिक भार पड़ रहा है। इस पर रेलवे ने ध्यान देते हुए इस गड़बड़ी को रोकने के लिए कवायद शुरू की।
बिल नहीं तो खाना फ्री
रेलवे की नई कवायद से केटरिंग कम्पनियों की मनमानी पर रोक लग सकेगी। यात्रियों को वाजिब दाम पर भोजन मुहैया हो सकेगा। साथ ही उनकी जेब पर डल रहे 'डाकेÓ को रोकने में मदद मिलेगी। लांच की गई इस नई स्कीम के तहत ट्रेनों में खाने का बिल नहीं देने पर ग्राहकों से राशि भी नहीं ली जा सकती। मतलब उनको खाना फ्री में देना होगा। इस सम्बन्ध में रेल मंत्रालय ने सभी ट्रेनों पर यह सूचना पत्र लगाने के कार्मिकों को निर्देश भी दिए हैं।
जानकारी भी कर रहे साझा
भारतीय रेल खान-पान और पर्यटन निगम (आईआरसीसीटीसी) ने टिकट बुकिंग वेबसाइट पर इसकी जानकारी साझा करना भी शुरू कर दिया है। इसके तहत इस नीति को सफल बनाने में पूरा योगदान भी मांगा है। इससे यह सुनिश्चित हो सके कि यात्रियों से भोजन का बिल देकर उचित दाम ही लिए जा रहे हैं।
उल्लंघन करने पर लाइसेंस रद्द
सूत्रों के अनुसार रेल मंत्रालय ने पेंट्री कार के लिए स्पेशल टीम बनाई है। इसके तहत यदि किसी तरह से वेंडर बिल देने से मना कर देता है और यात्रियों की ओर से शिकायत मिलती है तो सम्बन्धित केटरिंग कम्पनी का लाइसेंस रद्द भी किया जा सकेगा।
लगाएंगे पीओएस
ट्रेनों में पीओएस (प्वाइंटऑपरेशन सेल) मशीनें लगाई जाएंगी। ऐसे में ट्रेनों में खाद्य सामग्री सप्लाई करने वाले वेेंडर के लिए जरूरी हो जाएगा कि वह पीओएस से ही बिल दे। वेंडर की ओर से पीओएस बिल दिए बिना ही खाने के पैसे मांगने पर यात्री उसे पैसा देने से इनकार कर सकेंगे। सूत्रों के अनुसार फिलहाल रेलवे की ओर से आईआरसीसीटीसी ने कनार्टक एक्सपे्रस से यह स्कीम शुरू की है। जल्द ही 26 ट्रेनों में भी ऐसी 100 मशीनें लगाई जाएंगी।
यात्रियों के हित में
नई स्कीम यात्रियों के हित में है। खाने-पीने की सामग्री के ट्रेनों में यात्रियों से बेहिसाब दाम वसूलने पर रोक लगाने व यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे की ओर से नई स्कीम लागू की जा रही है। इसके लिए भोजन का बिल देना अनिवार्य होगा।
विजय प्रकाश
सीनियर डीसीएम, कोटा मण्डल।
गंगापुरसिटी का रेलवे स्टेशन।
Published on:
26 Mar 2018 11:54 am
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