
सीएम भजनलाल पात्रिका फाइल फोटो
Rajasthan: राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत एक और बड़ी कार्रवाई सामने आई है। सवाई माधोपुर के जिला परिवहन कार्यालय में कार्यरत 10 अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। यह कदम एंटी करप्शन ब्यूरो की जांच और विभागीय रिपोर्ट के आधार पर उठाया गया है, जिसमें अधिकारियों की मासिक बंधी और अवैध वसूली की पुष्टि हुई है।
निलंबित अधिकारियों में सबसे प्रमुख नाम जिला परिवहन अधिकारी डीटीओ पुन्याराम मीणा का है, जिन्हें एसीबी ने हाल ही में गिरफ्तार किया था। उनके साथ पूर्व डीटीओ दशरथ गुना, रजनीश, सहायक लेखाधिकारी मानसिंह मीणा, परिवहन निरीक्षक वीके सिंह, वरिष्ठ सहायक विवेक सिंह, ओमहरी उपाध्याय, रोहिताश सिंगल, अशोक गुना और सूचना सहायक धनेश पर भी कार्रवाई हुई है।
एसीबी कोर्ट में पेशी के बाद डीटीओ पुन्याराम मीणा, डीएसपी सुरेंद्र शर्मा और दलाल रामराज मीणा व प्रदीप को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इन पर आरोप है कि इन्होंने मिलकर अवैध बजरी परिवहन में संरक्षण दिया और मोटी रिश्वत वसूली। एसीबी की जांच में मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स और डिजिटल साक्ष्यों से यह स्पष्ट हुआ कि लोकसेवकों को धमकाकर पैसा वसूला जा रहा था।
रामराज मीणा के मोबाइल से मिले कॉल रिकॉर्ड से पता चला कि परिवहन और पुलिस विभाग के कई कर्मचारी इस अवैध वसूली में शामिल थे। अवैध बजरी ले जाने वाले वाहनों को खुली छूट देने के बदले मासिक रकम तय की गई थी, जिसे दलालों के जरिए अधिकारियों तक पहुंचाया जा रहा था।
फिलहाल एसीबी अन्य विभागों के संलिप्त अधिकारियों को नोटिस भेज रही है और जयपुर मुख्यालय पर उनसे लगातार पूछताछ चल रही है। यह कार्रवाई आने वाले समय में और भी बड़े खुलासे कर सकती है।
Updated on:
28 May 2025 11:58 am
Published on:
28 May 2025 11:58 am
