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रणथम्भौर: पर्यटन सीजन पीक पर, छोटे होटलों की हो रही चांदी

तीन जनवरी तक ऑनलाइन बुकिंग फुल

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रणथम्भौर: पर्यटन सीजन पीक पर, छोटे होटलों की हो रही चांदी

रणथम्भौर: पर्यटन सीजन पीक पर, छोटे होटलों की हो रही चांदी

सवाईमाधोपुर. रणथम्भौर में वर्तमान में पर्यटन सीजन पीक पर चल रहा है। ऐसे में यहां जमकर पर्यटकों की आवक हो रही है। 25 दिसम्बर से ही रणथम्भौर में पर्यटकों की बड़ी संख्या में आवक हो रही है। यह सिलसिला 5 जनवरी तक जारी रहेगा। एक ओर जहां रणथम्भौर में पर्यटकों की संख्या में इजाफा होने के साथ ही वन विभाग की आय में भी इजाफा हो रहा है वहीें दूसरी ओर होटल संचालकों की भी चांदी हो रही है। पर्यटकों की आवक में इजाफा और रणथम्भौर की ऑनलाइन बुकिंग के फुल हो जाने से अब राणथम्भौर की अधिकतर होटल भी फुल हो चुकी है। ग्रुप के होटलोंं में तो कमरों की बुकिंग फुल होने के बाद अब छोटे होटलों में भी कमरे फुल हो चुके हैं।
दो गुना हुआ कमरों का किराया
पर्यटकों की आवक में इजाफा होने के कारण अब रणथम्भौर में होटलों में पर्यटकों को कमरे भी नहीं मिल पा रहे है। ऐसे में मांग बढऩे के साथ ही छोटे होटलों के किराए में भी दो गुना तक इजाफा हो गया है। पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों ने बताया कि ऑफ सीजन में जिन होटलों में एक कमरा एक हजार रुपए तक आसानी से मिल रहा था वही होटल संचालक अब एक रूम के लिए पर्यटकों से 3000 हजार तक वसूल रहे हैं।
गेस्ट हाउस भी फुल
रणथम्भौर में कई पेइंग गेस्ट हाउस और कई फार्म हाउस भी संचालित है। सामान्य दिनों में जहां ये पेंइंग गेसट हाउस और फार्म हाउस खाली पड़े रहतेहै और इनमें आसानी से 500 से हजार रुपए तक कमरा मिल जाता है वहां भी पर्यटकोंं की आवक बढऩे और मांग में इजाफा होने के कारण गेस्ट हाउस व फार्म हाउस भी फुल हो चुके है। इनकेे किराए में भी दो से तीन गुना तक वृद्धि हुई है।
होटलों में लगाए गए टेंट
कई बड़े होटलों में कमरे फुल होने के बाद अब पर्यटकोंं के लिए टेंट की व्यवस्था की गई है। इन टेंटों में भी रुकने के लिए पर्यटकों को 25 हजार से 50 हजार तक खर्च करने पड़ रहे है। इसके बाद भी कई पर्यटकों को होटलों में ठहरने के लिए कमरे नहीं मिल पा रहे हैं।
30 प्रतिशत तक बढ़ा भ्रमण का किराया
वन विभाग की ओर से भी पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रणथम्भौर भ्रमण की दरोंं में लगातार इजाफा किया जा रहा है। विभाग की ओर से हर साल भ्रमण की दरों में दस प्रतिशत की वृद्धि की जा रही है। पिछले तीन सालों की बात की जाए तो रणथम्भौर में पार्क भ्रमण 30 प्रतिशत तक महंगा हो चुका है। वहीं पर्यटन विशेषज्ञोंं की माने तो रणथम्भौर भारत का सबसे मंहगा टाइगर रिजर्व है। पूर्व में कई लोग इसका विरोध भी कर चुके हैं।
ये हैं आंकड़े...
250 से अधिक होटल हैं रणथम्भौर में
1 लाख से अधिक पर्यटक आते है पीक सीजन में
4 लाख से अधिक पर्यटक आते हैं एक पर्यटन सत्र में
2 गुना तक बढ़ा छोटे होटलों का किराया
30 प्रतिशत बढ़ी रणथम्भौर में पिछले तीन साल भ्रमण की दरें
इनका कहना है....
रणथम्भौर भ्रमण की दरों में नियमानुसार हर साल दस प्रतिशत की वृद्धि की जाती है। यह नियम सरकार की ओर बनाया गया है। इससे विभाग व सरकार की आय में भी इजाफा होता है।
- महेन्द्र शर्मा, उपवन संरक्षक, रणथम्भौर बाघ परियोजना, सवाईमाधोपुर।

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