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रणथम्भौर: सालों बाद भी धरातल पर नहीं उतर ड्राइवर कम गाइड योजना

पीक सीजन में पर्यटकों की आवक अधिक होने पर वन विभाग ने शुरू की थी कवायद

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सवाईमाधोपुर. रणथम्भौर में हर पर्यटन सत्र में लाखों की संख्या में देशी विदेशी पर्यटक भ्रमण के लिए आते है। पीके सीरजन के दौरान यहां पर पर्यटकों की आवक में और अधिक इजाफा हो जाता है। वर्तमान में नेशनल टाइगर कनजर्वेशन अथोरयटी की गाइड लाइन के अनुसार प्रतिपार अधिकतम 140 वाहनों को पार्क भ्रमण पर भेजा जा रहा है। ऐसे में एक दिन में अधिकतम 280 वाहनों को पार्क भ्रमण पर भेजा जाता है। ऐसे में पीक सीजन में कई बार रणथम्भौर में गाइड कम पड़ जाते है और गाइडों की कमी के कारण बिना गाइड के ही पर्यटकों को पार्क भ्रमण पर भेजना पड़ता है। पूर्व में वन विभाग की ओर से इस परेशानी का हल निकालने के लिए रणथम्भौर में ड्राइवर कम गाइड योजना शुरू करने की तैयारी की गई थी। इसके तहत वन विभाग की ओर से रणथम्भौर के वाहन चालकों को भी गाइडिंग का प्रशिक्षण दिया गया था लेकिन करीब छह साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी अब तक यह योजना धरातल पर नहीं उतर सकी है।
372 वाहन चालक
रणथम्भौर व्हीकल सफारी ऑनर्स यूनियन व वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान में रणथम्भौर में 372 वाहन चालक है। जबकि करीब 160 कें आसपास नेचर गाइड कार्यरत है। वहीं 60 ईडीसी गाइड भी है। हाल ही में वन विभाग की ओर से रणथम्भौर में कुछ ईडीसी गाइडों की भर्ती की गई थी इसमें नियमों को ताक में रखकर वन विभाग की ओर से वन कर्मियों की ही संतानों की भर्ती कर ली गई थी इसका भी रणथम्भौर में वन्यजीव प्रेमियों ने पुरजोर विरोध किया था।
इनका कहना है…
यह पूर्व में योजना बनी थी। इसका क्रियांवयन क्योंं नहीं हुआ है। इसकी मुझे जानकारी नहीं है।
– संदीप चौधरी, उपवन संरक्षक(पर्यटन), रणथम्भौर बाघ परियोजना, सवाईमाधोपुर