सवाईमाधोपुर.चीन में बच्चों में फैल रहे श्वसन रोग ने एक बार फिर कोरोना की तरह डर का माहौल कायम कर दिया है। कुछ समय पहले ही कोरोना महामारी से पीछा छूटा था लेकिन अब एक बार फिर से पड़ौसी देश चीन में नई बीमारी ने दस्तक दे दी है। चीन में फैल रही इस रहस्यमयी बीमारी ने बच्चों को अपनी जद में लेना शुरू कर दिया है। उधर,चीन में फैल रहे श्वसन रोग के संबंध में जिले में चिकित्सा विभाग भी अलर्ट मोड पर आ गया है।
मॉकड्रिल कर जांची व्यवस्थाएं
जिला मुख्यालय पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में बुधवार को स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता की दृष्टि से मॉकड्रिल का आयोजन किया।। इस मॉकड्रिल के दौरान बैड, जांच,दवाइयां, एम्बुलेंस, मानव संसाधन एवं आवश्यक उपकरणों आदि की मॉनिटरिंग की।
इस रोग के यह है लक्षण
इस रोग के लक्षणों में खांसी, गले में दर्द या खरास, बुखार, फेफड़ों में सूजन, सांस नली में सूजन होने की बात सामने आ रही है। फिलहाल जिला अस्पताल समेत जिले के चिकित्सा संस्थानों में निमोनिया के गंभीर रोगियों का मामला सामने नहीं आया है। नए रोग से घबराने की आवश्यकता नहीं है। समय पर उचित चिकित्सीय सलाह लेकर इस बीमारी से बचा जा सकता है।
फैक्ट फाइल
– जिले में कुल बेड की संख्या-1380
– जिले में कुल वेंटिलेटर-23
– जिले में कुल ऑक्सीजन प्लांट-11
-मातृ एवं शिशु अस्पताल में बच्चो की प्रतिदिन की ओपीडी-100
-बच्चो की आईपीडी-25 से 30
एक्सपर्ट व्यू…
सावधानियां बरतने की जरूरत
इन दिनों मौसम में परिवर्तन होने के साथ ही बच्चों में सर्दी, जुकाम, बुखार, खांसी के मामले सामने आ रहे है। हालांकि चीन में बच्चों में श्वसन संबंधी रोग के केस नहीं आए है। बच्चों में सर्दी, जुकाम व खांसी मौसम के कारण हो रहा है। हालांकि चिकित्सकों की ओर से भी लोगों को सर्दी के मौसम में बच्चों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जा रही है। सर्दी के मौसम में बच्चो को टोपे, मोजे पहनाकर रखने, एक साल से अधिक बच्चों की उचित मात्रा में खुराक रखने, घर में बीमार व्यक्तियों से दूर रखने, साफ-सफाई रखने की जरूरत है, ताकि इंफेक्शन नहीं फैले। इस बीमारी से डरने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि सतर्क रहने की जरूरत है।
उमेश जाटव, श्वसन रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल सवाईमाधोपुर
इनका कहना है…
चीन में फैल रही श्वसन रोग के संबंध में दिशा-निर्देश मिले है। बीमारी को लेकर चिकित्सा विभाग अलर्ट है। गत बुधवार को इसको लेकर मॉकड्रिल भी की गई। जिले में वेंटिलेटर, बेड व ऑक्सीजन प्लांट की जांच की है। जिले के सभी सीएचसी व पीएचसी संस्थानों को भी अलर्ट रहने के लिए पाबंद कर दिया है। किसी भी तरह की आपदा के लिए पूरी तरह से तैयार है
अनिल कुमार जैमिनी, उपमुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी(स्वास्थ्य)सवाईमाधोपुर