सवाईमाधोपुर. सरकार व सार्वजनिक निर्माण विभाग की ढिलाई से अब तक बरोनी से कंवरपुरा तक 16 किलोमीटर की क्षतिग्रस्त रोड अधरझूल में अटकी है। स्थिति ये है टोंक पीडब्ल्यूडी के जिम्मेदारों की अनदेखी से 16 किलोमीटर रोड पर वाहन चलाना को दूर राहगीरों का पैदल चलना तक मुश्किल है। ऐसे में आए दिन वाहन चालक व राहगीर सरकार व पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को कोसते रहते है। रोड का निर्माण नहीं होने से लोगों में रोष बना है।
दरअसल, बरोनी(निवाई) से कुडग़ांव(करौली) तक एमडीआर रोड स्टेट हाइवे में बदली जानी थी लेकिन जिम्मेदरों की अनदेखी से अब तक इस एमडीआर रोड के दिन नहीं फिरे है। राज्य सरकार ने बरोनी से वाया शिवाड़, आदलवाड़ा, कुण्डेरा सवाईमाधोपुर होते हुए कुडग़ांव (करौली) तक के लिए एमडीआर(मेजर डिस्ट्रिक रोड) रोड को स्टेट हाइवे घोषित किया था लेकिन सार्वजनिक निर्माण विभाग की अनदेखी से इस स्टेट हाइवे पर अब तक ग्रहण लगा है। घोषणा के बाद से इसका कार्य चालू नहीं हो सका है। ऐसे में वाहन चालकों व राहगीरों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
टोंक के पीडब्ल्यूडी अधिकारी नहीं दे रहे ध्यान
बरोनी से कुडग़ांव तक बनने वाले एमडीआर स्टेट हाइवे का निर्माण सवाईमाधोपुर व टोंक जिले के सार्वजनिक निर्माण विभाग से होगा। ऐसे में बरोनी से शिवाड़ तक रोड टोंक जिले के हिस्से व सारसोप से कुडग़ांव तक सवाईमाधोपुर पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अधीन आती है। उधर, सारसोप से कुडगांव तक एमडीआर रोड का कार्य चालू हो गया है, जबकि बरोनी से कंवरपुरा तक क्षतिग्रस्त सड़क का काम तक शुरू नहीं हो सका है। स्थिति ये है कि इस बदहाल रोड पर अवैध बजरी से भरे वाहन भी धड़ल्ले से गुजरते है।