
sawaimadhopur
सवाईमाधोपुर . सांडों की लड़ाई में बाड़ का नुकसान होता है। ये कहावत आजकल नगर परिषद पर सटीक बैठ रही है। भाजपा पार्षदों व सभापति के बीच गतिरोध चल रहा है। किस्सा साहब कुर्सी का है। पार्षद वर्तमान सभापति को कुर्सी पर बैठे देखना नहीं चाहते। क्यों वे फूटी आंख नहीं सुहा रही है। कारण बताते हैं कि उनकी कार्यशैली ठीक नहीं है। इसको लेकर पार्टी के आलाकमान व विधायक से भी शिकायत कर चुके हैं। खैर, पार्षदों की नाराजगी कितनी जायज है तो वे ही जाने। वहीं सभापति उनके साथ तालमेल क्यों नहीं बैठा रही हैं, इसकी वजह भी सभापति से ज्यादा बेहतर कोई नहीं बता सकता।
लेकिन इस आपसी विरोध व गतिरोध के बीच शहर की जनता ***** रही है। दोनों के विवाद का खामियाजा भी शहरवासी ही भुगत रहे हैं। दो साल पहले जनता ने शहर के इन जनप्रतिनधियों को बड़ी उम्मीदों से चुना था। सोचा था ये जनप्रतिनिधि कर्णधार बनकर शहर का विकास करेंगे। चार चांद लगाएंगे। लेकिन दो साल में विरोध-गतिरोध ज्यादा रहा। एक मंच पर बैठकर विकास की बातें कम ही हुई हैं। बोर्ड बैठकों में भी भाजपा के पार्षद ही प्रतिपक्ष की भूमिका में ज्यादा देखे गए। एक बैठक में तो बोर्ड के 45 पार्षदों में से 44 सभापति के खिलाफ थे। इनमें 29 पार्षद भाजपा के थे। पिछले छह माह में दो बार बोर्ड बैठक हुई, लेकिन वे बहिष्कार की भेंट चढ़ी। शहर के वार्डों में मुख्य चीजें अच्छी सड़कें, पर्याप्त रोशनी और सफाई होती है।
इन पर ही फोकस होना चाहिए। ये व्यवस्थाएं सुधर जाए तो जनता खुश हो जाती है। लेकिन अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता। चाहे पार्षद हो या सभापति। काम तो आपसी तालमेल एवं सहयोग से ही चलेगा। दोनों पर ही शहर का दारोमदार है। पार्षदों की हर समस्या की सुनवाई होनी चाहिए। उनको पूरी तवज्जो मिलनी चाहिए। उनकी मांग पर संतोषजनक कार्रवाई होनी चाहिए। आखिरकार उनसे भी वार्ड की जनता समस्याओं पर जवाब मांगती है। सीट पर बैठे रहने से काम नहीं चलेगा। पार्षदों का भी दायित्व है कि आपसी मनमुटाव को छोड़ विकास के नए सुझाव दें।
हर सुझाव का दमदार तर्क होना चाहिए। ताकि सामने वाला मानने को मजबूर हो। साथ ही कहें कि ये काम जनता के हित में है, निज स्वार्थ नहीं है। आपसी गतिरोध से रास्ते बंद होते हैं। रास्ते आपसी तालमेल व संवाद से ही खुलते हैं। पार्टी के आलाकमान भी द्रोपदी के चीर की तरह विवाद को लम्बा खींच रहे हैं। विवाद है तो नों पक्षों को बैठकर त्वरित समाधान निकाले। जनता क्यों पिसे। उनको जवाबदेही तय करनी होगी।
Published on:
26 Sept 2017 05:48 pm
बड़ी खबरें
View Allसवाई माधोपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
