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सवाईमाधोपुर. रणथम्भौर में वन्यजीवों की निगरानी व सुरक्षा का जिम्मा उठाने वाले वनकर्मी व अधिकारी जल्द ही ई-जिप्सियों में दिन रात पेट्रोलिंग करते नजर आएंगे। वन विभाग ने जंगल में गश्त के लिए ई- जिप्सियां खरीदने की कवायद शुरू कर दी है। करीब बीस दिनों में रणथम्भौर में ई जिप्सियां आ जाएंगी और एक माह में ई जिप्सियों से जंगल में पेट्रोलिंग शुरू हो जाएगी।
सिक्स सीटर होगी ई जिप्सी
वन अधिकारियों ने बताया कि पेट्रोलिंग के काम में ली जाने वाली ई जिप्सी रणथम्भौर में संचालित पेट्रोल जिप्सी के समान सिक्स सीटर ही होगी।
12 लाख कीमत की होगी एक जिप्सी
एक ई जिप्सी की लागत करीब 12 से 13 लाख होगी। रणथम्भौर में फिलहाल तीन जिप्सियां ही खरीदी जाएंगी। बाद में उनकी कार्य गुणवत्ता के आधार पर आगे और भी ई जिप्सियां खरीदी जाएंगी।
फिलहाल पर्यटन में नहीं होगा उपयोग
रणथम्भौर में ई जिप्सियों का प्रयोग फिलहाल केवल पेट्रोलिंग के लिए ही किया जाएगा। अभी पार्क भ्रमण व पर्यटन के लिए इनका उपयोग नहीं किया जाएगा। हालांकि वर्तमान में संचालित पेट्रोल जिप्सियों के पार्क से बाहर होने के बाद वन विभाग की योजना ई जिप्सियों को पर्यटन वाहनों के तौर पर संचालित करने की है।
फुल चार्ज के साथ पांच घंटे चलेगी जंगल में
गत दिनों महाराष्ट्र के तोडाबा उद्यान में इन ई- जिप्सियों का ट्रायल किया गया था। एक ई जिप्सी फुल चार्ज के साथ करीब पांच घंटे जंगल में चलाई जा सकती है। ई जिप्सी में रिजर्व क्षमता भी है। एक बार जिप्सी जब रिजर्व क्षमता तक पहुंचती है तो इसे आठ घंटे तक चार्ज करने की आवश्यकता पड़ेगी।
पंजीयन को लेकर आ रही थी समस्या
वन विभाग ने पूर्व में भी महाराष्ट्र से ईजिप्सी खरीदने की योजना बनाई थी, लेकिन उस समय ई वाहनों के पंजीयन की अनुमति नहीं मिलने के कारण यह योजना अटक गई थी। अब आरटीओ से ई वाहनों के पंजीयन की अनुमति मिल गई है।
Published on:
06 Oct 2018 06:10 am
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