सवाईमाधोपुर. आखिर ढाई साल इंतजार के बाद प्रदेश में अन्य जिलों के बाद जिला मुख्यालय पर भी मेडिकल कॉलेज का काम शुरू हो गया है। ऐसे में ढाई साल बाद मेडिकल कॉलेज के दिन फिरे है। हालांकि अभी मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास होना बाकी है लेकिन ठींगला स्थित मेडिकल कॉलेज भूमि पर निर्माण सामग्री पहुंच गई है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज का सपना देख रहे सैकड़ो छात्र-छात्राओं के टूटते सपने को अब साकार होने की आस जगी है। उधर, मेडिकल कॉलेज का निर्माण होने से सवाईमाधोपुर, गंगापुरसिटी, बौंली, बामनवास, चौथकाबरवाड़ा, खण्डार, मलारना डूंगर के विद्यार्थियों को राहत मिलेगी।
निर्माण सामग्री व मशीने पहुंची
ठींगला में 30 बीघा भूमि में बनने वाले मेडिकल कॉलेज के लिए अब काम शुरू हो गया है। इसके लिए सरकारी कंपनी आरएसआरडीएसी व जयपुर की एक कंपनी को टेण्डर दिया गया है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज भूमि पर जगह-जगह उगे बबूलों को जेसीबी की सहायता से हटाया दिया है। वहीं खाली भूमि पर बजरी, सरिया, गिट््टी, मशीने सहित अन्य सामग्री पहुंच चुकी है। इसके अलावा कंट्रक्शन कंपनी ने बोर्ड भी लगा दिया है।
दो चरणों में होगा काम
ठींगला में मेडिकल कॉलेज का काम दो चरणों में होगा। पहले चरण में ठींगला में 83 करोड़ 85 लाख रुपए की लागत से मेडिकल कॉलेज का निर्माण कराया जाएगा, जबकि दूसरे चरण में मेडिकल हॉस्पीटल का निर्माण होगा। इसके लिए सरकार की ओर से कुल 340 करोड़ रुपए का खर्च किए जाएंगे। इसमें 60 प्रतिशत राशि केन्द्र सरकार व 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकार वहन करेगी।
30 तक बताई जा रही संभावित तिथि
जिला मुख्यालय पर 14 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास करने वाले थे। लेकिन अपरिहार्य कारणों से फिलहाल स्थगित कर दिया है। ऐसे में अब मेडिकल कॉलेज के शिलान्यास की संभावित तिथि 30 अक्टूबर तक बताई जा रही है। उधर, मेडिकल कॉलेज में शैक्षणिक भवन, विद्यार्थी छात्रावास (पुरुष एवं महिला), रेजीडेन्ट नर्सेज, इंटर्न छात्रावास, प्रधानाचार्य निवास, शिक्षक आवास एवं खेलकूद मैदान आदि का निर्माण कराया जाएगा।
4 नए ऑपरेशन थियेटर का होगा निर्माण
मेडिकल कॉलेज के आरम्भ होने से संबंद्ध नवीन अस्पताल सवाई माधोपुर में 250 शय्याओ में वृद्धि होगी। साथ ही 4 नवीन ऑपरेशन थियेटरों का भी निर्माण होगा। वर्तमान में जिला अस्पतालों में लगभग 4-5 विशिष्ट सुविधाएं ही उपलब्ध कराई जा रही है। मेडिकल कॉलेज बनने के बाद चरणबद्ध तरीके से 14-15 अतिरिक्त विशिष्टताओं में वृद्धि होगी। इससे उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं एवं रिसर्च की सुविधा मिलेगी। प्रति चिकित्सालय 30 बेड की इमरजेन्सी सुविधा शुरू होगी। इससे त्रिस्तरीय केयर की इमरजेन्सी सुविधा में विस्तार होगा। प्रति मेडिकल कॉलेज में 1 स्किल लेब आरम्भ होने से विद्यार्थियों को प्रेक्टिकल क्लिनिकल ट्रेनिगं दी जा सकेगी।
गंगापुर के दो हजार विद्यार्थियों को मिलेगी राहत
जिले में गंगापुरसिटी को शिक्षा का हब माना जाता है। यहां पर करौली, दौसा, धौलपुर, भरतपुर जिले से भी बच्चे कोचिंग व पढ़ाई के लिए आते है। ऐसे में गंगापुरसिटी क्षेत्र के दो हजार से अधिक छात्र-छात्राओंको मेडिकल कॉलेज खुलने से राहत मिल सकेगी। यहां के विद्यार्थियों को मेडिकल की पढ़ाई के लिए जयपुर, कोटा, दिल्ली तक जाना पड़ता है। ऐसे में मेडिकल क्षेत्र में उच्च शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
……………………………
इनका कहना है
मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए कंपनी को टेण्डर दे दिया है। पहले 14 अक्टूबर को मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास होना था लेकिन केन्द्र सरकार के आदेश के बाद अपरिहार्य कारणों से स्थगित कर दिया है। अब मेडिकल कॉलेज के शिलान्यास की संभावित तिथि 30 अक्टूबर तक बताई जा रही है।
डॉ.बीएल मीणा, नोडल अधिकारी व पीएमओ, सवाईमाधोपुर