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सवाईमाधोपुर: सरकारी स्कूल क्रमोन्नत, फिर भी गर्मी में खुले आसमान के नीचे नौनिहाल पढ़ाई करने को मजबूर

सवाईमाधोपुर: उच्च माध्यमिक का दर्जा मिला लेकिन विद्यार्थियों को नहीं मिला लाभचार कमरों में सिमटी पढ़ाई, बच्चे गर्मी और धूप में खुले आसमान के नीचे बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर

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Students Studying In Open

सवाईमाधोपुर. राउमावि नीमली खुर्द में बाहर धूप में बैठकर पढ़ाई करते बच्चे। Image Source: फोटो पत्रिका

सवाईमाधोपुर: शिक्षा को लेकर सरकार के बड़े‑बड़े दावे और योजनाएं गांवों तक पहुंचने का दावा करती हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है। जीनापुर पंचायत के नीमली खुर्द गांव का राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय इसका सबसे ताजा उदाहरण है। ग्रामीणों के अथक प्रयास से विद्यालय को माध्यमिक से उच्च माध्यमिक में क्रमोन्नत तो कर दिया लेकिन भवन महज चार कमरों में सिमटा हुआ है। कक्षा 1 से 10 तक की पढ़ाई एक ही भवन में संचालित होने से जगह की भारी कमी है। नतीजा यह कि बच्चे गर्मी और धूप में खुले आसमान के नीचे बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं।

खाली जमीन, लेकिन विद्यालय के लिए आवंटन नहीं

ग्रामीण हनुमान, उमाशंकर आदि ने बताया कि गांव के नजदीक सैकड़ों बीघा जमीन सवाईचक की पड़ी हुई है। ऐसा नहीं है कि जमीन का अभाव है। हमने स्थानीय विधायक जितेंद्र गोठवाल से भी मांग रखी, लेकिन अब तक कोई फायदा नहीं मिला। विद्यालय उच्च माध्यमिक में क्रमोन्नत होने का ग्रामीणों को कोई लाभ नहीं मिल रहा। भवन की कमी से बच्चों को गर्मी में खुले आसमान के नीचे पढ़ाई करनी पड़ रही है। सरकार शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए योजनाएं चला रही है, लेकिन सवाईमाधोपुर जिला मुख्यालय के नजदीक स्थित इस विद्यालय की समस्या पर किसी की नजर नहीं है।

कई बार की मांग, नहीं हुआ समाधान

विद्यालय के प्रधानाध्यापक जय राजपाल सिंह बताते हैं कि भवन के अभाव में बच्चों को बाहर बैठाना पड़ता है। पास‑पास चल रही कक्षाओं की आवाज से पढ़ाई में व्यवधान होता है। उन्होंने कहा कि नए भवन के लिए भूमि आवंटन की मांग कई बार उच्च अधिकारियों और जिला कलेक्टर तक पहुंचाई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

जर्जर कमरा और अधूरा निर्माण

यहां के विद्यालय में कुल नामांकन 186 विद्यार्थियों का नामांकन है। विद्यालय का एक कमरा जर्जर हालत में है, जो कभी भी हादसे का कारण बन सकता है। हाल ही में आपदा प्रबंधन के नाम पर 1 लाख 96 हजार रुपये का बजट आया था, लेकिन ठेकेदार काम शुरू करने के बाद बीच में ही छोड़कर चला गया। निर्माण सामग्री खुले में पड़ी है, जिससे सरकार को राजस्व का नुकसान होने की आशंका है।

उच्च माध्यमिक का नहीं मिला लाभ

ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय को उच्च माध्यमिक में क्रमोन्नत तो कर दिया लेकिन भवन की कमी के कारण कक्षा 11 और 12 के विद्यार्थियों का नामांकन नहीं हो पा रहा है। इस वजह से बच्चे जिला मुख्यालय जाकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के आसपास सवाईचक की सैकड़ों बीघा जमीन खाली पड़ी है, लेकिन विद्यालय के लिए भूमि आवंटन नहीं किया जा रहा है।

'सरकार ने नीमली खुर्द स्कूल माध्यमिक विद्यालय में क्रमोन्नत किया है। जगह की कमी के कारण चार कमरों में कक्षाएं संचालित हो रही है। जमीन आवंटन के लिए हमने जिला कलक्टर को फाइल बनाकर भेज दी है। जब तक जमीन आवंटित नहीं होगी तब तक स्कूल को दो शिफ्टों में चलाने के निर्देश दिए जाएंगे।' -दिनेश गुप्ता एडीपीसी समसा, सवाईमाधोपुर

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