
शुभम मित्तल
सवाईमाधोपुर। रणथम्भौर पार्क में भ्रमण के दौरान टाइगर की साइटिंग के चक्कर में तेज गति से दौड़ रही दो जिप्सियां आपस में टकरा गईं। इससे चालक और कई पर्यटक घायल हो गए। इससे पहले भी देश के अभयारण्यों में इस तरह की घटनाएं हो चुकी है। इसको लेकर कुछ दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है।
इसके बाद भी अभयारण्य प्रशासन नियमों में कोई परिवर्तन नहीं किया है। जिम कॉर्बेट अभयारण्य में अनियमितताओं पर सुनवाई के दौरान इस प्रकार के कई मामले सामने आने पर सुप्रीम कोर्ट ने सभी टाइगर रिजर्व में एक समान व्यवस्था को जरूरी बताया है। इससे वन्यजीवों के मानसिक तनाव को कम किया जा सकता है।
सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति बीआर गवई की अध्यक्षता वाली पीठ कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में अनियमितताओं पर सुनवाई कर रही थी।
सर्वोच्च न्यायालय ने उत्तराखण्ड के जिम कॉर्बेट पार्क में अवैध निर्माण पर भी चिंता जताई है। साथ ही सभी टाइगर रिजर्व में अवैध निर्माण को लेकर निर्देश दिए और कहा कि अवैध निर्माण वन्यजीवों का पर्यावास प्रभावित कर रहा है।
बाघ-बाघिनों को घेरने के मामले में शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होती है। मैंने खुद वन विभाग तथा एनटीसीए को चिट्ठी भेजकर मामला उठाया है। उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद एनटीसीए समान नीति बनाएगा।
-हरिप्रसाद योगी, अधिवक्ता व आरटीआइ एक्टिविस्ट
Published on:
29 Jan 2025 07:58 am
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