सवाईमाधोपुर. रणथम्भौर से हाल ही में कोटा के मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में बाघ टी-110 को शिफ्ट करने के बाद अब फलौदी रेंज की सनतलत बाघ टी-108 के हाथों में आ सकती है। वन विभाग केअनुसार जोन नौ के जिस इलाके में बाघ टी-110 विचरण करता था अभी तक बाघ को शिफ्ट करने के बाद उस इलाके में कोई और बाघ नहीं आया है लेकिन इस इलाके के आसपास के इलाके में बाघ टी-108 का मूवमेंट बना हुआ है। पूर्व में वन विभाग की ओर से इलाके में क्षमता से अधिक बाघों का मूवमेंट होने और ऐसे में बाघों में इलाके को लेकर आपसी संघर्ष की आशंका का हवाला देकर ही वन विभाग की ओर से गत दिनों बाघ टी-110 को मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में शिफ्ट किया था।
खाली हुआ इलाका
वन अधिकारियों ने बताया कि बाघ टी-110 की शिफ्टिंग के बाद फलौदी रेंज का चाखन बांध का इलाका खाली हो गया है। वर्तमान में इस इलाके में किसी भी बाघ का मूवमेंअ नहीं है। जबकि यहां बाघिन टी-59 का मूवमेंट बना हुआ है। पूर्व में बाघिन टी-59 और बाघ टी-110 इस इलाके में एक साथ विचरण करते थे ऐसे में अब बाघिन टी-59 भी एक नए साथी की तलाश करेगी। ऐसे में संभवतया बाघिन का नया जोड़ा अब बाघ टी-108 के साथ बन सकता है और जल्द ही दोनों बाघ बाघिन एक साथ विचरण करते नजर आ सकते हैं।
टी-137 से मिल सकती है चुनौती
बाघ टी-108 को बाघिन टी-102 के शावक टी-137 से भी चुनौती मिल सकती है। वर्तमान में बाघ टी-137 का मूवमेंट फलौदी व तालेडा रेंज की सीमा के आसपास बना हुआ है। ऐसे में फिलहाल इसकी संभावना कम ही है लेकिन बाघ का रुख यदि फलौदी रेंजकी ओर होता है तो इस बात की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है।
इनका कहना है…
वर्तमान में टी-110 के इलाके में कोई बाघ सेटल नहीं है लेकिन आसपास के इलाके में बाघ टी-108 का मूवमेंट है जबकि यहां बाघिन टी-59 व टी-114 का विचरण भी है। ऐसे में जल्द ही यहां टी-108 कब्जा जमा सकता है।
– राजबहादुर मीणा, क्षेत्रीय वन अधिकारी, फलौदी।