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सवाई माधोपुर

गेहूं की फसल पर तापमान की मार, घट सकती है पैदावार

- अब तक करीब 5 से 7 फीसदी तक नुकसान

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सवाईमाधोपुर. सर्दी का सीजन अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है और पारा आसमान पर चढने लगा है। इस बार फरवरी में ही मौसम में बदलाव आने से पारा बढऩे और तल्ख धूप का असर है। उधर, लगातार तापमान बढऩे से गेहूं के उत्पादन पर संकट के बादल मंडरा सकते है। सरसों सहित अन्य फसलें कटाई की स्थिति में है, जबकि गेहूं में अभी बालियां बनना शुरू हुई हैं और तापमान 32 डिग्री पर पहुंचने से दाना पूरा तैयार नहीं होगा। इससे किसानों की भी चिंता बढ़ गई है।
खेतों में खड़ी गेहूं की फसल के लिए तेजी से बढ़ रहा पारा नुकसानदाय साबित होने की आशंका है। फवरी के तीसरे सप्ताह में ही अधिकतम तापमान के 32 डिग्री सेल्सियस पहुंचने पर कृषि विभाग ने भी चिंता जताते हुए गेहंू की फसल में नुकसान होने की संभावना से इनकार नहीं किया है। जिले में इस बार गेहूं की 74 हजार से अधिक हैक्टेयर में बुवाई हुई है।
32 डिग्री पर पहुंचा दिन का पारा
इस बार फरवरी महीने में मार्च जैसी गर्मी पडऩे लगी है, जबकि हर साल फरवरी के अंत तक सर्दी का जोर रहता था। इस बार अभी से ही अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है। अभी से तेज धूप से हाल-बेहाल है। ऐसे में आने वाले दिनों में तापमान में और भी बढ़ोतरी होने की संभावना है।
यूं होता है फसल में नुकसान
गेहूं की फसल के लिए अच्छा तापमान अधिकतम 20 से 22 डिग्री माना जाता है। खेतों में गेहूं व जौ में समय से पहले बालियां निकल रही है। ऐसे में दाना भी गुणवत्तापूर्ण नहीं बन रहा है। गेहूं की फसल इन दिनों खेतों में खड़ी है और होली के त्योहार पर फसल का कटना शुरू हो जाएगी। फसल कटाई में अब ज्यादा दिन बाकी नहीं है। इससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है। अधिक ज्यादा तापमान होने पर फसल जल्दी पकने से दाना छोटा रह जाता है और पैदावार में कमी आती है।
पहले बारिश, अब तापमान ने मारा
जिले में इस बार मानसूनी बरसात का दौर काफी लम्बा चलने से खेतों में काफी समय से पानी भरा रहा। जिससे खेतों में नमी रहने से किसानों ने गेहूं की फसल बौने पर अधिक जोर दिया। ऐसे में गेहूं की फसल की पैदावार होने तक बनी नमी कम होने पर अच्छा फायदा मान रहे थे। लेकिन फरवरी माह की शुरुआत के साथ ही तापमान में वृद्धि ने सभी को चौका दिया। अधिक तापमान गेहूं व जौ की फसल के लिए नुकसान दायक है।

जिले में बोई गई फसलों पर एक नजर…
फसल हैक्टेयर
गेहूं 74720
सरसों 185400
जौ 750
चना 25480
……………………………………..
इनका कहना है
मौसम में आए परिवर्तन व तापमान बढऩे से फसलें समय से पहले ही पक रही है। विशेषकर गेहूं फसल की पैदावार को प्रभावित हो सकती है। गेहूं जल्द पक जाएगा। ऐसे में उसकी पैदावार घट सकती है। फिलहाल जिले में करीब 5 से 7 फीसदी फसल को नुकसान होने की आश्ंाका है।
रामराज मीणा, उपनिदेशक कृषि विस्तार सवाईमाधोपुर