
नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी
सवाईमाधोपुर. विशेष न्यायालय (पोक्सो) न्यायाधीश ने मंगलवार को नाबालिग लड़की को बहला फुसलाकर भगा ले जाने व उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में आरोपी को दोषी मानते हुए पोस्को एक्ट में दस साल की सजा सुनाई। वहीं 35 हजार रुपए अर्थदण्ड के तौर पर अदम अदायगी के निर्देश दिए।लोक अभियोजक हिम्मतसिंह राजावत ने बताया कि मलारना डूंगर निवासी बबुल उर्फ गोपाल केबल ऑपरेटर फर्म में काम करता था। केबल ठीक करने के बहाने पीडि़त के घर गया। आरोप है कि उसने नाबालिग लड़की को कुछ नशीला खिला दिया। इसके बाद उसे जयपुर ले गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया। परिजनों की रिपोर्ट पर स्थानीय थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर पीडि़ता को दस्तयाब कर परिजनों के सुपुर्द किया। वहीं आरोपी के खिलाफ भारतीय दण्ड संहिता व पोक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर तफ्तीश पूरी कर चार्जशीट न्यायालय के समक्ष पेश की। न्यायाधीश ने लोक अभियोजक द्वारा मामले में पेश दस्तावेज व गवाहों के बयान व बचाव पक्ष के वकील की जिरह सुनने के बाद आरोपी को दोषी मानते हुए उपरोक्त सजा सुनाई।
दुष्कर्म का प्रयास करने के आरोपी को पांच साल की सजा
इसीप्रकार एक अन्य मामले में गंगापुरसिटी में मानसिक रूप से कमजोर नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म का प्रयास करने के आरोपी को पांच वर्ष का कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। लोक अभियोजक ने बताया कि आरोपी नाजिम पुत्र सुखा मोहल्ले की ही एक नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। बालिका के चिल्लाने पर परिजन आ गए। इस संबंध में स्थानीय थाने में मामला दर्ज कराया गया। न्यायाधीश ने आरोपी को भारतीय दण्ड संहिता की धारा 342, 354 व पोस्को एक्ट की धारा 7/8 में दोष सिद्ध पाए जाने पर अधिकतम पांच वर्ष की सजा व 11 हजार का अर्थदण्ड दिया।
Published on:
22 Mar 2019 11:05 am
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