
बामनवास में विधायक निधि कोष से स्वीकृत निर्माण कार्य का निरीक्षण करते विकास अधिकारी।
बामनवास. ग्राम पंचायतों को अब सांसद तथा विधायक निधि कोष से स्वीकृत कार्यों को तीन माह में पूरे कराने होंगे। इसके लिए राज्य सरकार के ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग की ओर से आदेश जारी किए गए हैं।
आदेशों के तहत सांसद तथा विधायक कोष से किसी भी कार्य की अनुशंसा होने पर वित्तीय स्वीकृति मिलने के साथ ही उस कार्य को कार्यकारी एजेंसी द्वारा तीन माह में पूरा कराना होगा। गौरतलब है कि अब से पूर्व इस मद से स्वीकृत कार्य कई माह तक अटके रहते थे। ग्राम पंचायतों द्वारा रुचि नहीं लेने तथा अन्य कारणों से निर्माण कार्य अटक जाते थे। सांसद-विधायक जब गांवों में दौरे पर जाते हैं तो उनको ग्रामीणों द्वारा निर्माण कार्य पूरा नहीं होने का उलाहना दिया जाता है। इसी वर्ष में विधानसभा चुनाव होने हैं तथा दौर के दौरान इस तरह की स्थिति पैदा न हो सके। इसके लिए राज्य सरकार की ओर से तीन माह में निर्माण कार्य पूरा करने की गाइड लाइन जारी की है।
18 प्रतिशत ब्याज के साथ वापस जमा करानी होगी राशि
आदेशों के मुताबिक निर्धारित तीन माह में स्वीकृत कार्य पूरा नहीं कराने अथवा शुरू ही नहीं करने पर ग्राम पंचायतों को18 प्रतिशत ब्याज सहित मूल राशि वापस राजकोष में जमा करानी होगी। इस तरह काम में लापरवाही बरतने पर विकास कार्य तो ठप होगा ही, उल्टे ग्राम पंचायतों को जेब से ब्याज की राशि और भुगतनी पड़ेगी। अब जनता को उम्मीद है कि इस निर्णय से सांसद-विधायक कोटे से स्वीकृत विकास कार्यो में तेजी आएगी।
पालना के निर्देश दिए हैं
ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग की ओर से इस तरह के आदेश मिले हैं। जिसकी पालना के लिए सभी ग्राम पंचायतों के ग्रामसेवकों को निर्देश दिया गया है।
घनश्याम मीना
विकास अधिकारी पंचायत समिति, बामनवास।
बामनवास में विधायक निधि कोष से स्वीकृत निर्माण कार्य का निरीक्षण करते विकास अधिकारी।
Published on:
1 Apr 2018, 11:28 AM IST
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