सवाईमाधोपुर. रणथम्भौर से विवादों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला रणथम्भौर के पूर्व सीसीएफ सेडूराम यादव को लेकर सामने आया है। दरअसल रणथम्भौर के पूर्व सीसीएफ का 20 जून को रणथम्भौर से तबादला हो गया था। सीसीसफ सेडूराम यादव को वन संरक्षक सुरक्षा जयपुर के पद पर लगाया गया है। वहीं सीसीएफ वन्यजीव जयपुर के पद पर कार्यरत पी. काथिरवेल को रणथम्भौर सीसीएफ के पद पर लगाया गया था।इसके बाद नए सीसीएफ ने कार्य भार भी ग्रहण कर लिया। इसके बाद 20 जून को ही रणथम्भौर के पूर्व सीसीएफ अवकाश पर चले गए थे। वह रणथम्भौर से जाने के साथ- साथ रणथम्भौर में पूर्व में एक निजी संस्था की ओर से दिए गए वाहन को भी अपने साथ ले गए। यह वाहन निजी संस्था की ओर से रणथम्भौर के फील्ड डायरेक्टर के नाम वन्यजीवों की मॉनिटरिंग, टे्रकिंग, गश्त व अन्य विभागीय कार्यो के लिए उपलब्ध कराया गया था।
जयपुर स्थित आवास पर खड़ा है वाहन
जानकारी के अनुसार पूर्व सीसीएफ का जयपुर के केसर विहार बी 216 नाम से आवास है। इसी आवास में यह सरकारी वाहन कई दिनों से खड़ा हुआ है। पूर्व सीसीएफ के तबादले को पांच दिनों से अधिक समय बीत चुका है लेकिन इसके बाद भी सरकारी वाहन को वापस विभाग को सुपुर्द करने की जहमत नहीं उठाई है।
यह है नियम
वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार कोई भी वन अधिकारी किसी स्थान से अन्यत्र ताबदला होने की स्थिति में और अवकाश पर होने की स्थिति में विभागीय या सरकारी वाहन का निजी प्रयोजन के लिए उपयोग नहीं कर सकता है। तबादला होने की स्थिति में पूर्व सीसीएफ को नए लगाए गए सीसीएफ को कार्य भार देने के साथ ही विभागीय संसाधनों को भी हैण्डओवर करना होता है लेकिन पूर्व सीसीएफ मनमानी करते हुए विभागीय वाहन को भी अपने साथ ले गए जिसे उन्होंने अब तक विभाग को सुपुर्द नहीं किया है।
विभागीय काम काज हो सकता है प्रभावित
रणथम्भौर में मौजूदा पर्यटन सीजन 30 जून को समाप्त हो जाएगा। इसके बाद एक जुलाई से 30 सितम्बर तक रणथम्भौर के मुख्य जोन (एक से पांच) में तीन माह तक पर्यटन गतिविधियां बंद हो जाएंगी। ऐसे में विभाग की ओर से रणथम्भौर में गश्त व मॉनिटरिंग में इजाफा किया जाएगा। ताकि अवैध चराई अन्य गतिविधियों पर लगाम लगाई जा सके। ऐसे में विभाग को सरकारी वाहन की कमी खल सकती है और विभाग का काम काज प्रभावित हो सकता है।
इनका कहना है…
मेरे घर में एक सरकारी वाहन है, सोमवार को इसे रणथम्भौर के अधिकारियों को सुपुर्द कर दूंगा।
– सेडूराम यादव, पूर्व सीसीएफ, रणथम्भौर बाघ परियोजना, सवाईमाधोपुर।