सवाईमाधोपुर. राष्ट्रीय चंबल घडिय़ाल अभयारण्य का वन विभाग की ओर से पुन: परिसीमन किया गया है और इसके साथ ही इसके मुख्यालय में भी बदलाव कर दिया गया है। पूर्व में अभयारण्य का मुख्यालय सवाईमाधोपुर में था लेकिन अब इसे बदलकर धौलपुर कर दिया गया है। वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय चंबल घडिय़ाल अभयारण्य प्रदेश में चंबल के किनारे करीब 280 किमी में फैला हुआ है। पूर्व में इस अभयारण्य कास कुछ हिस्सा मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व कोटा और कुछ हिस्सा बूंदी के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व के अधीन किया गया था लेकिन अब वन विभाग की ओर से सवाईमाधोपुर के राष्ट्रीय चंबल घडिय़ाल अभयारण्य का पुनर्गठन किया गया है। इससे अब चंबल अभयारण्य के सभी प्रशासनिक कार्य धौलपुर से किए जाएंगे।
दो रेंजों का जिम्मा रणथम्भौर के कंधों पर
सरकार की ओर से किए गए पुन परीसीमन व पुनर्गठन में रणथम्भौर के वन अधिकारियों को अभयारण्य की दो रेंज की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वन अधिकारियों ने बताया कि अब पालीघाट का नवीन प्रशासनिक नियंत्रण रणथम्भौर बाघ परियोजना प्रथम के उपवन संरक्षक के पास और चंबल मंडयायल का नियंत्रण अब रणथम्भौर बाघ परियोजना द्वितीय के उपवन संरक्षक के कंधों पर रहेगा।
दो नई रेंज का किया जाएगा गठन
नई व्यवस्था के तहत राष्ट्रीय चंबल घडिय़ाल अभयारण्य सरमथुरा व सेवर चंबल के नाम से दो नई रेंजों का भी गठन किया जाएगा। इसके लिए वन मण्डल के उपवन संरक्षक को स्थानांतरित किया जाएगा और इसके लिए क्षेत्रीय वनाधिकारी प्रथम वन्यजीव सरमथुरा व एक क्षेत्रीय वनाधिकारी रणथम्भौर बाघ परियोजना प्रथम से स्थानांतरित किया जाएगा। इसके लिए क्षेत्रीय वनाधिकारी सेवर चंबल के नाम से नामित किया जाएगा।
इसलिए किया बदलाव
वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार करौली व धौलपुर में प्रदेश का पांचवा टाइगर रिजर्व बनना प्रस्तावित है और करौली, धौलपुर में चंबल अभयारण्य का भी काफी बड़ा क्षेत्र है ऐसे में अब राज्य सरकार की ओर से सवाईमाधोपुर के चंबल अभयारण्य का पुनर्गठन व सीमांकन किया गया है।
इनका कहना है…
राष्ट्रीय चंबल घडिय़ाल अभयारण्य के सवाईमाधोपुर क्षेत्र का पुनर्गठन कि या गया है साथ ही दो नई रेंज भी घोषित की गई है। इसके लिए राज्य सरकार की ओर से नोटिफिेकेशन जारी कर दिया गया है। अब नई व्यवस्था के तहत ही कार्य किए जाएंगे।
– अनिल यादव, उपवन संरक्षक, राष्ट्रीय चंबल घडिय़ाल अभयारण्य।