सवाईमाधोपुर. 45 दिन से अधिक लंबित प्रकरणों का सात दिवस में निस्तारण हो। आने वाले समय में राज्य सरकार ने एनआईसी को ग्राम पंचायत के सॉफ्टवेयर से रेवेन्यू के सॉफ्टवेयर से जोडऩे के लिए बजट उपलब्ध करवा दिया है। इससे ग्राम पंचायत से बनने वाले मृत्यु प्रमाण पत्रों की जानकारी रेवन्यु सॉफ्टवेयर से आ जाएगी। प्रमाण पत्र के जारी तिथि के 30 दिवस के अन्दर म्यूटेशन खुल जाएगा। यह बात गुरूवार को कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित राजस्व विभागों के कार्यक्रमों की प्रगति समीक्षा बैठक में राजस्व मंत्री रामलाल जाट ने कही।
राजस्व मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गांवों के गरीब किसानों के राजस्व मुकदमे निस्तारित करने के लिए कृत संकल्पित है। सरकार ने राजस्व मुकदमों के शीघ्र निस्तारण के लिए लोक अदालत भी लगाई है। उन्होंने राजस्व मुकदमों के शीघ्र निस्तारण के लिए सभी उपखण्ड अधिकारियों एवं तहसीलदारों को जनप्रतिनिधियों की सहायता से जहां राजस्व प्रकरण अधिक हैं, उन गांवों में शिविर लगाकर प्रकरणों के निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व मुकदमों का निस्तारण मैरिट के आधार पर विवेक से करेंगे तो कई ज्यादा सफलता मिलेगी। किसानों के जमाबन्दी में नाम शुद्धिकरण के मामले बगैर वकील के वादी के साधारण प्रार्थना पत्र पर निस्तारण किए जा सकते हैं।
इन प्रकरणों पर भी दिए निर्देश
इस दौरान राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरण, सम्पर्क पोर्टल पर लंबित प्रकरण,राजस्व अभिलेख खातों का शुद्धिाकरण, गैर खातेदारी से खातेदारी प्रकरण, आपसी सहमति से खाता विभाजन, रास्ते के प्रकरण, ,सीमाज्ञान एवं पत्थरगढ़ी के प्रकरण, नामान्तरणए सम्परिवर्तनआदि प्रकरणों पर चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में खण्डार विधायक अशोक बैरवा,बामनवास विधायक इन्दिरा मीना, जिला प्रमुख सुदामा मीना, जिला कलक्टर सुरेश कुमार ओला, अतिरिक्त जिला कलक्टर डॉ. सूरज सिंह नगी, प्रधान पंचायत समिति बौंली कृष्ण पोसवाल, बामनवास प्रधान शशी कला मीना, खण्डार प्रधान नरेन्द्र सिंह चौधरी, चौथ का बरवाड़ा प्रधान सम्पत पहाडिय़ा, मलारना डूंगर प्रधान देवपाल मीना आदि मौजूद थे।