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जलदाय विभाग ही मोल मंगा रहा पानी, शहर में कैसे पर्याप्त हो जलापूर्ति

गंगापुरसिटी. शहर में विभिन्न सरकारी कार्यालयों में तो सरकारी नलों की व्यवस्था दुरुस्त नहीं होने के कारण मोल पानी मंगवाने की मजबूरी हो सकती है, लेकिन गंभीर बात तो यह है कि खुद जलदाय विभाग ही मोल पानी मंगा रहा है। इससे एक बात तो साफ है या तो वहां पर भी जलापूर्ति की व्यवस्था […]

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गंगापुरसिटी। पानी का रखा कैंपर।

गंगापुरसिटी. शहर में विभिन्न सरकारी कार्यालयों में तो सरकारी नलों की व्यवस्था दुरुस्त नहीं होने के कारण मोल पानी मंगवाने की मजबूरी हो सकती है, लेकिन गंभीर बात तो यह है कि खुद जलदाय विभाग ही मोल पानी मंगा रहा है। इससे एक बात तो साफ है या तो वहां पर भी जलापूर्ति की व्यवस्था सुचारू नहीं है या फिर शुद्ध पानी नहीं मिल पा रहा है। हालांकि विभागीय अधिकारियों का तर्क है कि ठण्डा पानी रखने के लिए कैम्पर मंगाया जाता है। गर्मी में पानी गर्म हो जाता है, इसलिए आगंतुकों को ठण्डा पानी पिलाना पड़ता है। इधर, कई सरकारी कार्यालयों में नल की व्यवस्था नहीं है, कहीं है तो वहां पर सुचारू जलापूर्ति नहीं हो पा रही है। इसके चलते अब सरकारी विभाग भी जलदाय विभाग पर निर्भर नहीं हैं। वे अपने कार्यालय में पानी मोल मंगवाकर ही पी रहे हैं, लेकिन सबसे बड़ी समस्या तो आम फरियादियों के लिए होती है। इसके लिए न तो सम्बंधित विभाग सोचते हैं और न ही जिम्मेदार अधिकारी।

सरकारी कार्यालयों पर लाखों का भुगतान बकाया
इधर, जलदाय विभाग की भी यह पीड़ा है कि सरकारी विभागों पर नल कनेक्शन का भुगतान बकाया है। इसे लेकर कई बार सम्पर्क किया जाता है। लेकिन कोई जमा नहीं कराता है। अब गर्मी के कारण कनेक्शन नहीं काटा जा रहा है। हालांकि अवैध कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जा रही है। जिससे आम जनता को सुचारू जलापूर्ति हो सके।

इनका कहना है
कार्यालय में नल का गर्म पानी रहता है। इसलिए ठण्डा पानी मंगवाया जाता है। शहर में नियमित जलापूर्ति की व्यवस्था की हुई है। हालांकि आवश्यकता 16 एमएलडी की है और आपूर्ति चार एमएलडी की हो रही है। इस कारण कई जगह जलापूर्ति की शिकायत आती हैं, लेकिन वहां भी सप्लाई करने का प्रयास किया जा रहा है।

रामकेश मीना, अधिशासी अभियंता, जलदाय विभाग।