सवाईमाधोपुर. भाई-बहन के स्नेह का पर्व रक्षाबंधन बुधवार को हर्षोल्लास से मनाया जाएगा। बहनों ने इसकी तैयारियां पूरी कर ली है। रक्षाबंधन को लेकर शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में राखियों से पूरा बाजार सज चुका है। तरह-तरह की राखियां लोग खरीद रहे है। नई किस्म की राखियां बाजार में उपलब्ध है।
राखी को लेकर शहर का बाजार तैयार है। दुकानों में रंग-बिरंगी राखियां सज चुकी हैं। जिला मुख्यालय पर रक्षाबंधन से एक दिन पहले मंगलवार को बाजारों में रौनक नजर आई। रात तक बाजार राखियों की चमक से दमकते रहे। मुख्य बाजार, कॉलानियों में जगह-जगह राखियों की दुकानें सजी हैं। इन पर ग्राहकों की पसंद के अनुरूप सस्ती महंगी राखियां मिल रही है। लोगों ने अपनी बजट के अनुसार राखियां खरीदी। उधर, कई जगहों पर 31 अगस्त को भी रक्षाबंधन मनाया जाएगा और बहने भाईयों की कलाई पर राखी बाधेंगे।
यह रहेगा राखी बांधने का मुहुर्त
पंडित लालचंद गौतम ने बताया की सनातन धर्म के तहत किसी भी व्रत या पर्व का निर्णय आकाशीय ग्रह पिंडों की गति व स्थिति में प्राप्त मानो की परी गणना करते हुए धर्म शास्त्र में निर्दिष्ट व्यवस्था से होता है। उन्होंने बताया कि द्वितीय सावन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा बुधवार सुबह दस बजकर 59 मिनट से अगले दिन सुबह सात बजकर छह मिनट तक पूर्णिमा रहेगी। इसलिए बुधवार सुबह 10. 59 बजे के बाद श्रावणी उपक्रम व रात नौ बजकर दो मिनट से बहने भाई की कलाई पर राखी बांधेंगी। यदि 2 दिन पूर्णिमा हो तो दूसरे दिन सूर्योदय से करीब सवा दो घंटे पूर्णिमा तिथि रहने पर उस दिन रक्षाबंधन मानना शास्त्र सम्मत है। वही 31 अगस्त सूर्योदय के बाद 58 मिनट तक ही पूर्णिमा रहेगी। ऐसे में 30 अगस्त को भद्रा समाप्ति होने के बाद रात नौ बजकर दो मिनट से मध्य रात्रि तक राखी बांधना शुभ रहेगा। शुक्ल यजुर्वेदीय लोग श्रावणी उपक्रम 30 अगस्त को ही कर सकेंग।े उपक्रम में भद्रा दोष नहीं लगता। ऐसे में सुबह 10.59 के बाद श्रावणी उपक्रम के तहत 10 विधि स्नान सहित अन्य आयोजन होंगे।