सवाईमाधोपुर. कहने को तो जिला मुख्यालय पर खेल स्टेडियम बना ( sawai madhopur Playing field bad ) है, लेकिन खेल विभाग अधिकारियों की अनदेखी से यह अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। देखरेख के अभाव में खेल स्टेडियम बदहाल है और धीरे-धीरे जंगल में तब्दील होता जा रहा है। बारिश के बाद हालात और ज्यादा बिगड़ गए है। स्थिति ये है कि स्टेडियम में जगह-जगह पानी भर गया है। वहीं गड्ढे हादसे को न्योता दे रहे हैं।
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ऐसे में खिलाडिय़ों को भारी परेशानी होती है। दरअसल, जिला खेल स्टेडियम में बाउण्ड्रीवाल की रिपेयरिंग व निर्माण कार्य के लिए 10 लाख रुपए खर्च किए गए थे। इस दौरान सार्वजनिक निर्माण विभाग खण्ड प्रथम कार्यकारी एजेन्सी से 29 नवम्बर 2017 से 22 दिसम्बर 2017 तक कार्य हुआ, लेकिन इसके बाद से ही ग्राउंड की देखरेख को लेकर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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पानी निकासी की नहीं व्यवस्था
जलनिकासी नहीं होने से ग्राउंड के चारों तरफ बरसात का पानी भर गया है। फुटबॉल खेलने आने वाले खिलाडिय़ों को परेशानी होती है। खिलाडिय़ों को भी मैदान में फिसलने का डर बना रहता है। ऐसे में खिलाड़ी अभ्यास नहीं कर पा रहे हैं।
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खुद करते हैं सफाई
खेल स्टेडियम में प्रतिदिन सुबह-शाम फुटबॉल, वालीबॉल आदि खेलने वाले खिलाडिय़ों का कहना है कि मैदान में जगह-जगह पानी भर गया है। स्वयं के स्तर पर ही ग्राउंड की सफाई व जलनिकासी करनी पड़ रही है।
खरपतवार उगने से बना जंगल
स्टेडियम में चारदीवारी के पास जगह-जगह अनावश्यक खपरतवार उगे है। इससे खिलाडिय़ों को जहरीले कीड़े काटने का भी डर सताता रहता है।
अधिकारी-कर्मचारी रहते हैं गायब
जिला खेल स्टेडियम की सुरक्षा को लेकर जिम्मेदार बेपरवाह है। खेल स्टेडियम परिसर में अधिकारी-कर्मचारी गायब रहते है। ऐसे में सार-संभाल भी समय पर नहीं होता है। इसका खामियाजा आस-पास शहर के खिलाडिय़ों को भुगतना पड़ रहा है।