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चने की ये किस्म पांच महीने में हो जाती है तैयार, ये है विशेषता

-चने की फसल पर प्रक्षेत्र दिवस का आयोजन

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चने की ये किस्म पांच महीने में हो जाती है तैयार, ये है विशेषता

सवाईमाधोपुर.पाडली गांव में चने की फसल पर जानकारी देते कृषि वैज्ञानिक।

सवाईमाधोपुर. कृषि विज्ञान केन्द्र के तत्वावधान में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन दलहन योजनान्तर्गत चने की फसल पर प्रक्षेत्र दिवस का आयोजन पाडली गांव में किया। केन्द्र के कीट वैज्ञानिक डॉ बीएल मीना ने कृषकों को चने की फसल में कीट व रोग प्रबंधन तथा कृषकों को चने की उन्नत किस्म जी एन जी 2171 को अधिक से अधिक कृषकों तक पहुंचाने को कहा। केन्द्र की शस्य वैज्ञानिक नूपुर शर्मा ने कृषकों को चने की उन्नत किस्म जी एन जी 2171 किस्म की विशेषताएं बताई । चने की किस्म जी एन जी 2171 देसी किस्म तथा मध्यम आकार का बीज वाला चना है, जिसकी औसत उपज 20.14 क्विंटल प्रति हैक्टेयर है। इसकी 100 दानों का वजन 15.6 ग्राम है। यह किस्म 160 से 165 दिन में पककर तैयार हो जाती है। चने की दोनों किस्म बहुत अच्छी है। कार्यक्रम में लगभग 70 कृषकों ने भाग लिया।

महिलाएं हो सकेगी स्वरोजगार से आत्मनिर्भर
कृषि विज्ञान केन्द्र पर जागरूकता कार्यक्रम के तहत स्वयं सहायता समूह की हुई बैठक में करमोदा व आसपास की महिलाओं ने भाग लिया। बैठक में वैज्ञानिक डॉ चमनदीप कौर ने अनाज से निर्मित होने वाले विभिन्न उत्पादों तथा स्वरोजगार के लिए महिलाओं को प्रेरित किया। सर्दी का मौसम खत्म होने के बाद गर्मी में पनपने वाले अन्न से निर्मित होने वाले विभिन्न उत्पादों के बारे में स्वयं सहायता समूह से जुड़ी 70 महिलाओं को जानकारियां दी। उन्होंने बताया कि महिलाएं इससे न सिर्फ आर्थिक रूप से सक्षम हो सकेगी, बल्कि उन्हें स्वरोजगार भी मिलेगा।
विद्यार्थियों ने सीखे फूलों की खेती में नवाचार
सवाईमाधोपुर. खैरदा स्थित एक निजी स्कूलों के कृषि संकाय के विद्यार्थियों ने शनिवार को फूल उत्कृष्टता केन्द्र का भ्रमण किया। भ्रमण दल को विद्यालय के प्राध्यापक लाखन सैनी, ज्योति चौधरी के नेतृत्व में उद्यान विभाग के कृषि पर्यवेक इमरान ने विद्यार्थियों को फूलों की प्रदर्शन की जानकारी दी।