सवाईमाधोपुर. रणथम्भौर की बाघिन ने एक बार फिर प्रदेश के अन्य टाइगर रिजर्व में बाघों का कुनबा बढ़ाकर वन्यजीव प्रेमियों को खुशखबरी दी है। दरअस्ल गत वर्ष रणथम्भौर से बूंदी के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में शिफ्ट की गई बाघिन टी-102 रामगढ़ में वन विभाग के फोटो ट्रैप कैमरे में तीन शावकों के साथ कैमरे में कैद हुई है। बाघिन के शावकों के साथ नजर आने के बाद अब एक बार फिर प्रदेश में बाघों के कुनबे में इजाफा हो गया है। इससे वन्यजीव प्रेमियों में खुशी की लहर है। वहीं वन विभाग की ओर से एहतियात के तौर पर बाघिन व शावकों की लगातार मॉनिटरिंग कराई जा रही है।
रामगढ़ महल व पादडा तिराहे वन क्षेत्र में शावकों के साथ कैमरे में कैद हुई बाघिन
वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार करीब सात वर्षीय बाघिन टी-102 यानी आरवीटीआर टू का पिछले करीब एक माह से एक निश्चित वन क्षेत्र में लगातार मूवमेंट बना हुआ था। ऐसे में विभाग की ओर से मॉनिटरिंग के लिए बाघिन के विचरण क्षेत्र में फोटो ट्रैप कैमरे लगाए गए और रविवार को रामगढ़ महल व पादडा तिराहे वन क्षेत्र में लगे कैमरे में बाघिन तीन शावकों के साथ कैद हुई। शावकों की उम्र करीब दो माह बताई जा रही है।
सीएम ने किया ट्वीट
वहीं रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में बाघिन के शावकों के साथ नजर आने के बाद मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर शुभकामनाएं औरबधाई दी है। सीएम ने ट्वीट में लिखा कि 29 जुलाई 2019को विश्व बाघ दिवस के दिन रामगढ़ विषधारी को टाइगर रिजर्व घोषित किया गया था। जिसका परिणाम अब सामने आ रहा है।
इनका कहना है…
बाघिन तीन शावकों के साथ कैमरे में कैद हुई है। यह बाघ संरक्षण की दृष्टि से सुखद है। विभाग की ओर से मॉनिटरिंग कराई जा रही है।
– संजीव शर्मा, उपवन संरक्षक, रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व, बूंदी।