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Ranthambore: शावकों के साथ सड़क पर आई बाघिन सुल्ताना, 1 घंटे तक बंद रहा त्रिनेत्र गणेश मंदिर

Rajasthan News: रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान में बाघिन रिद्धि का शावक एक बार फिर त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग पर नजर आया, जिससे वहां एक बार फिर हलचल मच गई।

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Ranthambore

सवाईमाधेपुर रणथम्भौर दुर्ग के पार्किंग एरिया में विचरण करता बाघिन रिद्धी का शावक (फोटो: पत्रिका)

Ranthambore Tigress T 107 Sultana Spotted: रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान में बाघिन रिद्धि का मेल शावक एक बार फिर त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग पर नजर आया। सोमवार दोपहर करीब दो बजे रणथंभौर दुर्ग की पार्किंग के पास शावक जंगल की सुरक्षा दीवार और मंदिर मार्ग पर करीब दस मिनट तक चहलकदमी करता रहा।

इस दौरान सफारी पर जा रहे पर्यटक और मंदिर दर्शन को पहुंचे श्रद्धालु शावक को देखकर रोमांचित हो उठे। कई लोगों ने इस नजारे को अपने कैमरे में कैद किया। शावक के मूवमेंट के चलते करीब 15 मिनट तक यातायात प्रभावित रहा।

जानकारी के अनुसार शावक नाल चढ़ाई की दिशा से आया और कुछ देर रुकने के बाद जोन नंबर–3 की ओर चला गया। गौरतलब है कि पिछले महीने भी बाघिन रिद्धि और उसके शावक रणथंभौर दुर्ग गेट पर पार्किंग क्षेत्र में नजर आ चुके हैं। वन विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है।

त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग बनता जा रहा बाघों की नई टेरेटरी

रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान में बाघों के कुनबे में लगातार इजाफा हो रहा है और इसके लिए वन विभाग की ओर से अपनी पीठ भी थपथपाई जा रही है। लेकिन इन दिनाें त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग पर बाघ-बाघिनों और शावकों का मूवमेंट बढ़ गया है। जिसको देखते हुए एहतियात के तौर पर वन विभाग की ओर से त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग पर पैदल यात्रियों और दुपहिया वाहनों के प्रवेश पर रोक भी लगा दी जाती है।

वहीं आए दिन होने वाले इन मूवमेंट के कारण श्रद्धालुओं में भी भय का माहौल बना रहता है। पहले भी इस मार्ग पर एक बालक तथा मंदिर पुजारी पर हमला हो चुका है। जिससे उनकी जान चली गई थी।

इन बाघ-बाघिनों का रहता है मूवमेंट

वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान में त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग पर बाघिन सुल्ताना यानि टी -107 और उसके दो शावकों के अतिरिक्त बाघ टी-101 और बाघ टी-120 यानि गणेश का मूवमेंट बना रहता है।

सुल्ताना ने तो त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग पर गौमुखी से मिश्रदर्रा और आडा बालाजी तक अपनी टेरेटरी बना ली है। आए दिन बाघिन का मूवमेंट इसी क्षेत्र में देखने को मिलता है।

सुबह मिश्रदर्रा के पास नजर आई थी बाघिन

वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह बाघिन सुल्ताना यानि टी-107 त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग पर मिश्रदर्रा के पास शावकों के साथ नजर आई थी।

ऐसे में वन विभाग की ओर से एहतियात के तौर पर 1 घंटे तक गणेश धाम पर श्रद्धालुओं का प्रवेश बंद कर दिया था, हालांकि बाघिन का रुख एक बार फिर जंगल की ओर हो जाने पर एक बार फिर से श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया गया।

इनका कहना है…

यह सही है कि वर्तमान में बाघिन सुल्ताना का शावकों के साथ त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग पर लगातार मूवमेंट बना हुआ है। इसके अलावा भी और कई बाघों का यहां विचरण रहता है। वन विभाग की ओर से लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।

मानस सिंह, उपवन संरक्षक, रणथम्भौर बाघ परियोजना, सवाईमाधोपुर