5 सितंबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

क्लिनिकल उपयोग से पहले डमी पर प्रयोग जिला अस्पताल परिसर में खुली प्रयोगशाला

क्लिनिकल उपयोग से पहले डमी पर प्रयोग जिला अस्पताल परिसर में खुली प्रयोगशाला  
2 min read
Google source verification
डमी देखती छात्रा व उपकरण।

सवाईमाधोपुर एएनएम सेंटर में स्थापित दक्षता लैब में डमी देखती छात्रा व उपकरण।

सवाईमाधोपुर. नर्सिंग छात्र-छात्राओं को क्लिनिकल उपयोग से पहले डमी पर दक्ष किया जाएगा। इसके लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने सीएमएचओ कार्यालय के पीछे स्थित एएनएम सेंटर परिसर में दक्षता प्रयोगशाला स्थापित की है। करीब 25 लाख की लागत से स्थापित दक्षता प्रयोग शाला में विभिन्न प्रकार के डमी उपकरण है। इन डमी उपकरणों पर छात्र-छात्राओं का चिकित्सा अधिकारी व एएनएम सेंटर का स्टाफ डमी पर प्रदर्शन देखेंगे। उसके बाद उन्हें अस्पतालों में प्रयोगिक प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा। ताकि किसी रोगी के साथ खिलवाड़ नहीं हो सके।


एमडी ने दिए थे निर्देश
गत माह नेशनल हेल्थ मिशन के एमडी ने प्रदेश के सभी जिला कलक्टर व सीएमएचओ को निर्देश दिए थे। उन्होंने बताया कि प्रदेश के जितने भी नर्सिंग इंस्टीट्यूट में अध्ययनरत नर्सिंग छात्र-छात्राओं को (स्कील लैब) दक्षता प्रयोग शाला में दक्ष करें। उनके द्वारा बेहतर प्रदर्शन करने के बाद ही उन्हें अस्पतालों में भेजे।


इनका मिलेगा प्रशिक्षण
नर्सिंग छात्र-छात्राओं को जिला मुख्यालय पर स्थित दक्षता प्रयोगशाला में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से संबंधित सभी डमी उपकरण मौजूद है। इसमें छात्र-छात्राओं को डमी उपकरण पर इंजेक्शन लगाना, ड्रिप चढ़ाना, नवजात शिशुओं को श्वास देना, सुरक्षित प्रसव कराना, ऑपरेशन, टांके लगाने सहित अन्य कार्यों में दक्ष करना है।


एएनएम सेंटर पर स्थापित दक्षता लैब में सेंटर की 90 छात्राओं को डमी पर प्रशिक्षण दे रहे हैं। इससे नर्सिंग छात्राओं को व्यवहारिक ज्ञान प्राप्त होगा।
योगेश शर्मा, प्रधानाचार्य, एएनएम सेंटर, सवाईमाधोपुर।


90 छात्राओं को कर रहे प्रशिक्षित
एएनएम प्रशिक्षण सेंटर में वर्तमान में प्रथम व द्वितीय वर्ष में 45-45 छात्राएं अध्ययनरत है। ऐसे में फिलहाल इन्हीं एएनएम छात्राओं को दक्षता प्रयोगशाला में डमी पर प्रदर्शन करा रहे है।


यह होगा लाभ
चिकित्सा अधिकारियों ने बताया कि अब तक नर्सिंग छात्र-छात्राओं को अध्ययन के समय ही अस्पतालों में प्रायोगिक कार्यों के लिए भेज दिया जाता था। इससे अप्रशिक्षित छात्र-छात्राएं सीधा ही रोगियों पर इंजेक्शन लगाने आदि कार्य करते थे। ऐसे में रोगियों की जान को खतरा रहता था। इसे रोकने के लिए प्रदेश के प्रत्येक जिला मुख्यालय पर दक्षता लैब स्थापित की गई है।

बड़ी खबरें

View All

सवाई माधोपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग