
आरक्षण की मांग को लेकर गुर्जर समाज
तलावड़ा. मुख्यमंत्री की गौरव यात्रा स्थगित होने के साथ ही आरक्षण की मांग को लेकर गुर्जर समाज की ओर से सवाईमाधोपुर-गंगापुरसिटी मार्ग पर बुधवार शाम से लगाया जाम गुरुवार शाम को खोल दिया गया। जाम खोलने के साथ ही गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने कहा कि जाम स्थगित किया गया है, लेकिन मांगे पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा और आगे भी गौरव यात्रा का विरोध किया जाएगा।
इससे पहले जाम खुलवाने के लिए प्रशासनिक अधिकारी बुधवार से ही गुर्जर समाज से वार्ता करने में जुटे रहे, लेकिन गुर्जर समाज अपनी मांगे पूरी नहीं होने तक जाम लगाने की बात पर अड़ा रहा। राज्य सरकार की ओर से गुर्जरों से वार्ता के लिए विशेष रूप से प्रशासनिक सुधार विभाग के विशेष सचिव नीरज के पवन व गंगापुरसिटी एडीएम को वार्ता के लिए बुधवार रात व गुरुवार सुबह भेजा गया, लेकिन उन्होंने किसी प्रकार की वार्ता से इनकार कर दिया। नीरज के पवन करौली के जिला कलक्टर भी रहे थे। इस कारण सरकार ने उनको भेजा था।
महापंचायत के बाद लगाया था जाम
इससे पहले बैंसला के नेतृत्व में बुधवार को जाखोलास खुर्द में आयोजित महापंचायत हुई। इसमें भाड़ौती-मथुरा मेगा हाइवे पर जाम लगाने का निर्णय किया गया। इसके बाद शाम साढ़े पांच बजे हाइवे के सवाईमाधोपुर-गंगापुरसिटी मार्ग पर आरामपुरा के पास जाम लगा दिया। महापंचायत में कर्नल बैंसला के पुत्र विजय सिंह बैंसला, शैलेन्द्र एडवोकेट, राजपूत आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष सम्पत सिंह शेखावत, धारासिंह कसाना, मुकेश कोटपूतली, रामकेश छंगा, एसपी छावड़ी, पिन्टू चेची, भवानी खेड़ली, प्रहलाद खटाना आदि ने समाज के लिए एकजुट रहने की अपील की।
राजपूत समाज भी करेगा समर्थन
राजपूत आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष सम्पत सिंह शेखावत भी कर्नल बैंसला के साथ बुधवार को महापंचायत में समर्थन देने पहुंचे। शेखावत ने कहा कि गुर्जरों की मांग जायज है। गुर्जरों को आरक्षण मिलना चाहिए व समाज के इस आंदोलन में उनका भी पूर्ण रूप से समर्थन है।
समिति पदाधिकारियों में दो फाड़
गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के तीन पदाधिकारियों के निष्कासन की भी चर्चा दिनभर बनी रही। सोश्यल मीडिया पर समिति के हिम्मत सिंह, दीवान गुर्जर व श्रीराम बैंसला के निष्कासन की खबरें छाई रही। अंदरूनी बात सामने आई कि यह तीनों लोग वे थे जो सरकार से वार्ता में शामिल हुए थे। हालांकि देर शाम कर्नल बैंसला ने बुधवार को अपने बयान में कहा था कि उनकी ओर से कोई प्रतिनिधि नहीं भेजा गया है।
उनके इस बयान के बाद गुर्जरों में दो फाड़ होने की बात सामने आई। चर्चा यह भी रही कि गुर्जर आरक्षण आंदोलन समिति के संयोजक कर्नल बैंसला कि अनुमति के बगैर यह तीनों प्रतिनिधि वार्ता में शामिल हो गए थे। उधर,गुरुवार शाम कर्नल बैंसला ने बताया कि तीनों समिति सदस्यों के निष्कासन का निर्णय अभी तक नहीं किया गया है। समिति के अन्य पदाधिकारियों व सदस्यों से इस मुद्दे पर जल्द ही निर्णय किया जाएगा।
Published on:
16 Aug 2018 10:01 pm
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