
आज के दिन ही हुई थी ‘अंधेरे के देवता’ की खोज, 11वीं पढ़ने वाली लड़की ने सुझाया था यह नाम
नई दिल्ली। वैसे तो हर रोज इंसान कुछ नया और अनोखा करना चाहता है हालांकि इसके लिए कठिन परिश्रम की जरूरत होती है और इसके बाद भी जरूरी नहीं कि उसे सफलता मिल ही जाए। लेकिन दुनिया में कई लोग धुन के पक्के होते हैं जो कुछ न कुछ न अनोखा खोज ही लेते हैं। ठीक ऐसी ही एक खोज आज के दिन 18 फरवरी 1930 को हुई थी। जिसे एक अमेरिकी जिज्ञासु वैज्ञानिक क्लाइड टॉमबा ने फोटोग्राफिक प्लेटों और ब्लिंक माइक्रोस्कोप की मदद से अंजाम दिया था। यह खोज एक बौने ग्रह की थी। जिसे पहले तो ग्रह मान लिया गया, लेकिन बाद में इसे साल 2006 में ग्रहों के परिवार से बाहर कर दिया गया। इस ग्रह का नाम प्लूटो है।
11वीं में पढ़ने वाली एक लड़की ने सुझाया था ये नाम
अमेरिकी वैज्ञानिक क्लाइड टॉमबा ने इस ग्रह का नाम रखने के लिए दुनिया भर के लोगों से सुझाव मांगा था। जिसके बाद 11वीं में पढ़ने वाली एक लड़की ने इसे प्लूटो नाम दिया। इस नाम के पीछे उसका तर्क था कि रोम में अंधेरे के देवता को प्लूटो कहते हैं और इस ग्रह पर भी हमेशा अंधेरा रहता है, इसलिए इसका नाम प्लूटो रखा जाए। बात दें कि, प्लूटो को सूर्य का एक चक्कर लगाने में 248 साल लग जाते हैं।
सौरमंडल का माना जाता था नौवां ग्रह
1930 में अमेरिकी वैज्ञानिक क्लाइड टॉमबा द्वारा खोजे गए इस प्लूटो ग्रह को लंबे वक्त तक हमारे सौरमंडल का नौवां ग्रह माना गया, लेकिन बाद में साल 2006 में इससे ग्रह का दर्जा वापस ले लिया गया। इस प्रकार से यह यह ग्रह अपनी खोज के 88 साल पूरा कर चुका है।
Published on:
18 Feb 2019 05:41 pm

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