
प्लास्टिक की वेस्ट बोतलों से बनाई जा रहीं ईको ब्रिक्स, घरों में ऐसे हो रहीं इस्तेमाल
नई दिल्ली। विश्व में प्लास्टिक ( plastic ) की समस्या दिन प्रति दिन गंभीर हो रही है। प्लास्टिक को डी-कम्पोज (de-compose ) होने में हजारो साल का समय लगता है। पानी ( water ) के लिए इस्तेमाल की जाने वाली बोतलों को हम इधर-उधर फेंक देते है। इन्हें पूरी तरह से नष्ट होने मे करीब 450 साल लगते हैं। लेकिन अब इस कचरे से निजात पाने के लिए लोगों ने नया ढंग खोज लिया है। देश में कई स्थानों पर इन खाली बोतलों को को कंस्ट्रक्शन के काम में इस्तेमाल किया जाने लगा है।
लोग प्लास्टिक से जुड़ी चीजों को इतना खरीद और बेच रहें हैं, जो पर्यावरण ( enviorment ) के लिहाज से बेहद नुकसान दायक है। अब तक हम 2 बिलियन टन प्लास्टिक जेनरेट कर चुके हैं और इसमें प्रतिदन इजाफा होता चला जा रहा है। अब सवाल ये उठता है कि इसको री-साइकिल ( recycle ) करके किस तरह से इस्तेमाल में लाया जाए?
पर्यावरण से जुड़े एक्टिविस्टों ने कई तरह की मुहिम चलाई हैं। जिनमें से एक ईको ब्रिक कंस्ट्रक्शन है। इस कंस्ट्रक्शन में प्लास्टिक की खाली वेस्ट बोतलों का उपयोग करके घर और दीवारें बनाई जा रही हैं। प्लास्टिक को कम करने का ये सबसे कारगर तरीका है।
प्लास्टिक की इन खाली बोतलों में राख और बालू भरा जाता है। उसके बाद बोतलों को बंद करके ईंटो की जगह इस्तेमाल किया जाता है। प्लास्टिक की बोतलें ईंटो की तरह ही मजबूत और टिकाऊ होती हैं। ऐसा करके पर्यावरण को फायदा पहुंचाया जा सकता है। यह प्लास्टिक के कचरे के विरुद्ध लड़ने में भी मददगार साबित होगा।
ये हो सकते हैं फायदे
-प्लास्टिक की बोतलों की दीवारें बनाने पर मिट्टी के उत्खनन पर रोक लगेगी।
- इस तकनीक से बनाए गए घर ईंटों से बनाए गए घरों की तरह ही हर मौसम में अच्छे रहेंगे।
-प्लास्टिक की बोतलों से बनी घर की दीवारें 9 रेक्टर स्केल तक का भूकंप झेल सकती हैं।
-यह बुलेट प्रूफ हैं।
- यह प्लास्टिक के विरुध लड़ने के लिए अच्छी मुहिम है।
Published on:
31 May 2019 11:53 am
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