
ग्रीन हाउस Greenhouse गैसों का उत्सर्जन बढ़ता रहा, तो भविष्य में डूब जाएंगे दुनिया के ये बड़े शहर
नई दिल्ली। मानव ने प्रकृतिnature में इतना दखल दे दिया है कि उसका पूरा भविष्य future ही खतरे में पड़ सकता है। विभिन्न संसाधानों से निकलने वाली गैसें जलवायु को परिवर्तित कर रही हैं। ग्रीनहाउस गैसें ( greenhouse gases ) भी इसमें बढ़ोत्तरी कर रही हैं। इनसे ग्लोबल वार्मिंग ( global warming ) भी बढ़ रहा है, जिससे ग्रीनलैंड ( green land ) पर पड़ी बर्फ पिघलने का खतरा बढ़ गया है।
वैज्ञानिकों ने चेताया है कि अगर यह क्राम ऐसे ही जारी रहा, तो वो दिन दूर नहीं जब ये बर्फ पिघलने से समुद्र का जलस्तर 24 फीट तक बढ़ जाएगा और दुनिया के कई बड़े शहर पानी में डूब जाएंगे। साथ ही यह भी कहा कि हो सकता है कि आने वाले वर्षों तक इस आइलैंड पर बर्फ का नामोनिशान न रहे। यह बातें अमेरिका (amrica )के अलास्का ( Alaska ) फेयरबैंक्स जियोफिजिकल इंस्टीट्यूट की ओर से कराए गए एक अध्ययन में सामने आई हैं।
बदल सकता है ग्रीनलैंड का स्वरूप!
इंस्टीट्यूट के रिसर्च एसोसिएट प्रोफेसर एंडी एशवंडन के अनुसार- यह कहना मुश्किल होगा कि हजार वर्षो के बाद भी ग्रीनलैंड अपने वर्तमान स्वरूप में रहेगा!
ग्रीनहाऊस गैसों का हो रहा है अधिक उत्सर्जन
इस अध्ययन में यह बताया गया है कि वायुमंडल में ग्रीनहाऊस गैसें बढ़ने के कारण बर्फ लगातार पिघल रही है और समुद्र का जल स्तर बढ़ रहा है। वर्तमान में पृथ्वी पर ग्रीनहाऊस गैसों का सबसे ज्यादा उत्सर्जन हो रहा है।
शोध में किया हवाई विज्ञान अभियान के आंकड़ों का इस्तेमाल
इस अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं की टीम ने नासा के हवाई विज्ञान अभियान के आंकड़ों का इस्तेमाल किया, जिसे 'ऑपरेशन आइसब्रिज' कहा जाता है। इस अभियान के लिए प्रयुक्त विमान तीन प्रकार के राडार और वैज्ञानिक उपकरणों से लैस थे, जो बर्फ की सतह को मापने के साथ-साथ बर्फ की भीतरी परत और जमीन का डाटा आसानी से एकत्र कर सकते हैं।
शोध में खुलासा: समुद्र का जल स्तर 24 फीट बढ़ने पर डूब जाएंगे ये शहर
शोधकर्ताओं के अनुसार- ग्रीनलैंड में बर्फ की चादर 660,000 वर्ग मील में पसरी हुई है और 81 फीसदी बर्फ ग्रीनलैंड को ढके हुए है। इसमें पृथ्वी के ताजे पानी के कई स्रोत भी शामिल हैं। यदि इसी तरह से वायुमंडल में ग्रीनहाउस गैसों का बढ़ना जारी रहा, वर्तमान समय के अनुसार वर्ष 3000 तक बर्फ पिघलने से वैश्विक स्तर पर समुद्र का जल स्तर 24 फीट तक बढ़ जाएगा। इसके कारण हो सकता है कि सेन फ्रांसिस्को, लॉस एंजलिस, न्यू ऑर्लेयंस जैसे शहर पानी में डूब जाएं।
दरअसल, ग्रीनलैंड की बर्फ की चादर औसतन 1.6 मील मोटी है, लेकिन 1991 और 2015 में, ग्रीनलैंड की बर्फ पिघलने से समुद्र स्तर पर प्रति वर्ष लगभग 0.02 इंच की वृद्धि हुई है। यदि परिस्थितियां वर्तमान जैसी ही रहीं तो स्वाभाविक तौर पर समुद्र के जल स्तर में बढ़ोतरी हो सकती है।
Updated on:
24 Jun 2019 04:00 pm
Published on:
24 Jun 2019 03:58 pm
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